
Whatsapp New Rules: सुबह उठते ही किसी को 'गुड मॉर्निंग' बोलना हो, दोस्तों से गपशप करनी हो या फिर ऑफिस का कोई जरूरी काम, वॉट्सऐप हमारी डेली लाइफ का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन आज 1 अक्टूबर की सुबह से ही एक खबर की चर्चा है कि वॉट्सऐप पर अब मैसेज भेजने के पैसे लगेंगे। कहा जा रहा है कि हर महीने सिर्फ 1,000 मैसेज ही मुफ्त मिलेंगे और उसके बाद हर एक चैट का हिसाब देना होगा। अगर आपने भी यह खबर सुनी है और आपके मन में डर बैठ गया है कि कहीं वॉट्सऐप चलाने के बदले आपके बैंक खाते या मोबाइल बैलेंस से पैसे तो नहीं कटने लगेंगे, तो राहत की सांस लीजिए। ये पैसे आपसे नहीं लिए जाएंगे। आइए जानते हैं कि मेटा (Meta) का ये नया नियम आखिर क्या है और इसका सच में किस पर असर पड़ेगा...
अगर आप अपने फोन में आम वॉट्सऐप (Personal WhatsApp) चलाते हैं, अपने रिश्तेदारों, दोस्तों या फैमिली ग्रुप में दिनभर चाहे 5,000 मैसेज, फोटो, ऑडियो या वीडियो भेजते हैं, तो आपको एक भी नया पैसा नहीं देना है। आम यूजर्स के लिए वॉट्सऐप हमेशा की तरह 100% फ्री है। यह नया नियम आपके और हमारे जैसे पर्सनल यूजर्स के लिए नहीं, बल्कि कंपनियों, ब्रांड्स और दुकानदारों (WhatsApp Business Platform) के लिए लाया गया है।
हम जब भी ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, खाना मंगाते हैं या टिकट बुक करते हैं, तो अक्सर वॉट्सऐप पर पार्सल ट्रैकिंग, ऑर्डर कन्फर्मेशन और लॉगिन OTP आता है। इन्हें 'यूटिलिटी' और 'ऑथेंटिकेशन' मैसेज कहा जाता है। 1 अक्टूबर से कंपनियों को ऐसे हर एक डिलीवरी स्टेटस और OTP मैसेज के लिए भी 11.5 पैसे प्रति मैसेज चुकाने होंगे। सेल और ऑफर्स वाले मार्केटिंग मैसेजेस के लिए कंपनियां पहले से ही प्रति मैसेज करीब 86 पैसे (₹0.8631) चुका रही हैं, जिसका रेट नहीं बदला है।
आजकल कई कंपनियां कस्टमर सपोर्ट के लिए इंसानों की जगह रोबोट (AI Bots) बैठा देती हैं। मेटा ने इसके लिए भी अलग रेट तय कर दिया है। अगर कोई कंपनी 'मेटा बिजनेस एजेंट' (AI) का इस्तेमाल करती है, तो मैसेज के बेसिक चार्ज के अलावा AI सिस्टम द्वारा प्रोसेस होने वाले हर 10 लाख (1 मिलियन) टोकन के लिए कंपनी से $2 (करीब 165+ रुपए) अलग से लिए जाएंगे।
मेटा ने सभी बिजनेस प्रोवाइडर्स और कंपनियों को साफ कर दिया है कि उन्हें अपने बिजनेस खाते में क्रेडिट कार्ड या ऑनलाइन पेमेंट मेथड जोड़ना जरूरी होगा। 1 अक्टूबर से जिन कंपनियों का पेमेंट सिस्टम एक्टिव नहीं होगा, उनके मैसेज ग्राहकों तक पहुंचना ही बंद हो जाएंगे।
| मैसेज का प्रकार | नया नियम और चार्ज (1 अक्टूबर से) | किसके लिए लागू |
|---|---|---|
| पर्सनल चैट (आम यूजर) | पूरी तरह फ्री (कोई लिमिट नहीं) | आपके और हमारे जैसे आम लोग |
| सर्विस रिप्लाई (कस्टमर केयर) | महीने में 1,000 फ्री | फिर 11.5 पैसे/मैसेज बिजनेस और कंपनियां |
| यूटिलिटी मैसेज (ट्रैकिंग/बिल) | 11.5 पैसे प्रति मैसेज | ऑनलाइन शॉपिंग/सर्विस कंपनियां |
| OTP और ऑथेंटिकेशन | 11.5 पैसे प्रति मैसेज | बैंक और ऐप्स |
| ऑफर और सेल मैसेज | करीब 86 पैसे प्रति मैसेज | मार्केटिंग करने वाले ब्रांड्स |
कम आएंगे अनचाहे मैसेज: चूंकि अब कंपनियों को हर मैसेज का कड़ा हिसाब और बिल देना होगा, इसलिए कंपनियां फालतू के प्रमोशनल और स्पैम मैसेज भेजने से थोड़ा बचेंगी।
ऐप पर शिफ्ट हो सकती हैं कंपनियां: खर्च बचाने के लिए हो सकता है कि कुछ ई-कॉमर्स कंपनियां ऑर्डर ट्रैकिंग या बिल वॉट्सऐप पर भेजने की बजाय आपको सीधे अपने ऐप या SMS पर देखने को कहें।
अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।