
बिजनेस डेस्क। अरबपति गौतम अडानी के स्वामित्व वाली अडानी ग्रुप की कंपनियां हाल के दिनों में अपने निवेशकों के लिए जबरदस्त तरीके से रुपया बना रही हैं। वास्तव में इन कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली है। वो भी ऐसे समय में जब रूस यूक्रेन वॉर के कारण सप्लाई की कमी की चिंताओं के कारण बाजार बहुत अस्थिर रहा है, कई क्षेत्रों में महंगाई के कारण फ्यूल प्राइस की कीमतें बढ़ी है। इन सब के बाद भी अडानी ग्रुप की लगभग सभी सात कंपनियों के शेयर ऊपर जा रहे हैं। दरअसल, अडानी पावर और अदाणी विल्मर ने साल 2022 के पहले तीन महीनों में निवेशकों का पैसा दोगुना कर दिया है।
अडानी ग्रुप की किन कंपनियों के शेयरों में आई तेजी
| अडानी ग्रुप की कंपनियां | 52 हफ्तों का हाई | 2022 में कितना दिया रिटर्न |
| अडानी एंटरप्राइजेज | 2,060.80 रुपए | 19.62 फीसदी |
| अडानी कुल गैस | 2,380.45 रुपए | 33.75 फीसदी |
| अडानी पावर | 220.80 रुपए | 103.36 फीसदी |
| अडानी विल्मर | 570.50 रुपए | 103.82 फीसदी |
शेयरों में तेजी से 100 अरब डॉलर के क्लब में हुए शामिल
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के अनुसार, इन शेयरों में तेजी ने गौतम अडानी को भारत का सबसे अमीर आदमी बना दिया है। वह दुनिया के सबसे अमीर उद्यमियों के 100 अरब डॉलर के क्लब में शामिल हो गए। उन्होंने अपने ही हमवतन अरबपित मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ा हैं, जो काफी समय से भारत के ही नहीं बल्कि एशिया के सबसे अमीर कारोबारी बने हुए थे।
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अडानी विल्मर में क्यों आया उछाल
अडानी विल्मर का मल्टीबैगर स्टॉक 'फॉच्र्यून' ब्रांड के साथ खाद्य तेल खंड में अग्रणी है। इसके उत्पादों का पोर्टफोलियो तीन श्रेणियों - खाद्य तेल, पैकेज्ड फूड और फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) उद्योग के लिए आवश्यक है। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण खाना पकाने के तेल की कीमतों में हालिया उछाल से कंपनी को फायदा हुआ है। रूस और यूक्रेन से सप्लाई बाधित होने की आशंका के कारण राष्ट्रों में खाना पकाने के तेल की कीमतों में तेजी आई है। वास्तव में, यूक्रेन और रूस मिलकर भारत के सूरजमुखी तेल आयात का 90 फीसदी हिस्सा हैं। 2021 में, भारत ने अपनी सूरजमुखी तेल आवश्यकताओं का 70 फीसदी अकेले यूक्रेन से आयात किया। रूस में 20त्न और शेष 10 फीसदी अर्जेंटीना से था।
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इन कंपनियों में इसलिए देखने को मिली तेजी
इस बीच, अडानी टोटल गैस में उल्लेखनीय वृद्धि हुई क्योंकि कंपनी ने अहमदाबाद में अपना पहला इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन लॉन्च करके इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में प्रवेश की घोषणा की। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के कंपनी के पक्ष में आने के बाद अडानी पावर के शेयर की कीमतों में उछाल आया, जिसमें अदालत ने राजस्थान में कुछ राज्य-संचालित वितरण कंपनियों को अदानी पावर को 30.48 बिलियन का बकाया भुगतान करने के लिए कहा। इसके बाद, सात सूचीबद्ध फर्मों वाली अडानी ग्रुप की कंपनियों का मार्केट कैप बढ़कर 181 अरब डॉलर हो गया है। इसका कारोबार बंदरगाह प्रबंधन, बिजली उत्पादन और वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा, खनन, हवाई अड्डे के संचालन, प्राकृतिक गैस, खाद्य प्रसंस्करण और बुनियादी ढांचे में फैला हुआ है।
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