Green Card मिला, अमेरिका में करियर बनाया, फिर भी भारत लौट आईं भारती रमेश, बताई फैसले की पूरी वजह

Published : Sep 30, 2026, 02:09 PM ISTUpdated : Sep 30, 2026, 02:12 PM IST
Green Card Holder Returns to India

सार

Green Card Holder Returns to India: Green Card और अमेरिका में करियर बनाने के बाद भारती रमेश भारत क्यों लौटीं? जानिए इस बड़े फैसले के पीछे की पूरी कहानी, जो उन्होंने इंस्टाग्राम पर खुद पोस्ट कर बताई है।

Bharathi Ramesh US to India: अमेरिका में पढ़ाई, EB-1A के जरिए ग्रीन कार्ड हासिल करने और वहां करियर बनाने के बाद भारती रमेश ने ऐसा फैसला लिया, जिसने उनकी पूरी जिंदगी की दिशा बदल दी। उन्होंने अमेरिका की स्थायी नागरिकता का रास्ता छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया, ताकि अपने स्टार्टअप को पूरा समय दे सकें।

अमेरिका गई थीं रिसर्च और न्यूट्रिशन पर काम करने

भारती रमेश 2020 में मास्टर्स की पढ़ाई के लिए अमेरिका गई थीं। उनका लक्ष्य रिसर्च को न्यूट्रिशन प्रैक्टिस से जोड़ना था। पढ़ाई के बाद उन्होंने अमेरिका में अपने करियर को आगे बढ़ाया और स्टार्टअप शुरू करने की दिशा में भी काम किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने EB-2 NIW और EB-1A के जरिए इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी की। उनका ग्रीन कार्ड EB-1A यानी Extraordinary Ability कैटेगरी के तहत मंजूर हुआ था। यह अमेरिकी इमिग्रेशन की ऐसी कैटेगरी है, जो अपने क्षेत्र में असाधारण क्षमता और उपलब्धियों वाले लोगों के लिए है।

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ग्रीन कार्ड था, लेकिन सपना कुछ और था

ग्रीन कार्ड मिलने के बावजूद भारती को लगा कि उनकी असली प्राथमिकता कहीं पीछे छूट रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी कहानी शेयर करते हुए बताया कि वह अमेरिका में फुल-टाइम काम कर रही थीं, ताकि किराया और हेल्थ इंश्योरेंस जैसे खर्च संभाल सकें। दूसरी तरफ उनका मन अपने स्टार्टअप पर काम करने में था। इसी बीच उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। हालात उस समय और मुश्किल हो गए जब उन्होंने एक पैरेंट को खो दिया। भारती के मुताबिक, लंबे समय तक लगातार लक्ष्य हासिल करने की कोशिश के बाद वह पूरी तरह थक गई थीं। इस स्थिति से बाहर आने और खुद को संभालने में उन्हें करीब आठ महीने लगे।

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पति ने दिया साथ, भारत लौटकर शुरू किया नया सफर

इसके बाद उन्होंने अमेरिका छोड़कर भारत वापस आने का फैसला किया। भारती ने अपने पति से इस बारे में बात की और उन्होंने भी उनका साथ दिया। दोनों भारत लौट आए। अब भारती भारत में अपने स्टार्टअप पर काम कर रही हैं और खुद को एक फाउंडर के तौर पर आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने अपनी कहानी के जरिए बताया कि ग्रीन कार्ड हासिल करना उनके लिए बड़ी उपलब्धि जरूर थी, लेकिन आखिरकार उन्होंने वही रास्ता चुना, जिसमें उन्हें अपने काम और जिंदगी की प्राथमिकताओं के साथ ज्यादा जुड़ाव महसूस हुआ। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रही। लोगों ने उनके फैसले की सराहना करते हुए उन्हें आगे के सफर के लिए शुभकामनाएं दीं।

ग्रीन कार्ड और नागरिकता में क्या फर्क है?

ग्रीन कार्ड अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति देता है। इसके धारक को कई ऐसे अधिकार मिलते हैं जो अमेरिकी नागरिकों को भी मिलते हैं, लेकिन वह अमेरिकी नागरिक नहीं होता। उदाहरण के लिए, ग्रीन कार्ड धारक आम तौर पर अमेरिकी चुनावों में वोट नहीं कर सकता।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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