2 रोटी के लिए मजदूरी से लेकर दिल्ली में फूड डिलीवरी तक, झारखंड की पूजा ने ऐसे बदली अपनी जिंदगी

Published : Sep 30, 2026, 10:49 AM IST
Jharkhand Woman Food Delivery Rider Puja Story Delhi

सार

Jharkhand Woman Food Delivery Rider Puja Story Delhi: 15 साल की उम्र में झारखंड से अकेली दिल्ली आईं पूजा ने रेलवे स्टेशन पर रातें गुजारीं। 2 रोटी के लिए मजदूरी की फिर एक दिन साइकिल से डिलीवरी शुरू की। जानिए झारखंड की बेटी की प्रेरणादायक कहानी।

Jharkhand Woman Delivery Rider: कभी दो रोटी और एक कप चाय के लिए मजदूरी करने वाली पूजा ने मुश्किल हालात को अपनी मंजिल के बीच नहीं आने दिया। 15 साल की उम्र में झारखंड से अकेले दिल्ली पहुंचीं, रेलवे स्टेशन पर रातें गुजारीं और फिर डिलीवरी पार्टनर बनकर अपनी जिंदगी की दिशा बदल दी। जानिए पूरी काहानी।

13 साल की उम्र में पिता को खोया, कम उम्र में काम शुरू किया

पूजा की जिंदगी आसान नहीं रही। पिता का निधन तब हो गया था, जब वह सिर्फ 13 साल की थीं। घर चलाने की जिम्मेदारी मां पर आई तो पूजा ने भी छोटी उम्र से ही काम करना शुरू कर दिया। कभी घरों में काम किया तो कभी दुकानों और होटल के रिसेप्शन की सफाई की। कई बार पूरे दिन की मेहनत के बदले सिर्फ दो रोटी और एक कप चाय ही नसीब होती थी। लेकिन गरीबी ने उनके सपनों को छोटा नहीं किया। 15 साल की उम्र में वह अकेले झारखंड से दिल्ली आ गईं। शुरुआती दिनों में रेलवे स्टेशन ही उनका ठिकाना बना।

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महामारी में छूटा काम, फिर मिला डिलीवरी का रास्ता

दिल्ली में पूजा किसी तरह काम करके गुजारा कर रही थीं। फिर कोरोना महामारी आई और उनका काम भी बंद हो गया। इसी दौरान सड़क किनारे बैठी पूजा से एक राहगीर ने डिलीवरी पार्टनर के तौर पर काम करने का सुझाव दिया। उन्होंने इससे पहले किसी महिला को खाना डिलीवर करते नहीं देखा था। फिर भी उन्होंने पीछे हटने के बजाय इसे आजमाने का फैसला किया। साइकिल लेकर उन्होंने दिल्ली की सड़कों पर फूड डिलीवरी शुरू कर दी। अपनी जरूरत और कमाई के लक्ष्य के हिसाब से वह काम के घंटे चुनती थीं। दरवाजे पर महिला डिलीवरी पार्टनर को देखकर कई ग्राहक हैरान होते और उनका हौसला बढ़ाते।

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चार साल की मेहनत का मिला सम्मान

लगातार करीब चार साल काम करने के बाद पूजा की मेहनत को पहचान मिली। Zomato ने EV Bazaar नाम के अपने वार्षिक कार्यक्रम में उन्हें इलेक्ट्रिक बाइक दी। इस पहल का मकसद डिलीवरी पार्टनर्स को पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ने में मदद करना है। आज पूजा दिल्ली में किराये के घर में रहती हैं और गांव में अपनी मां की मदद भी करती हैं। जिस लड़की ने कभी रेलवे स्टेशन पर रात गुजारी थी, वही आज अपनी मेहनत से दिल्ली की सड़कों पर आत्मनिर्भर होकर काम कर रही है। पूजा की कहानी सिर्फ मुश्किलों से निकलने की नहीं, बल्कि उस एक मौके को पहचानने की भी है, जिसने उनकी मेहनत को नई दिशा दे दी।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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