
Divya Mittal IAS: IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु से पढ़ाई, लंदन में नौकरी और फिर UPSC के रास्ते IAS बनने वाली दिव्या मित्तल ने अगस्त 2026 में प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया। अब उन्होंने अपनी अगली पारी को लेकर भी तस्वीर साफ कर दी है। वह राजनीति में कदम रखेंगी, लेकिन किसी राजनीतिक दल का हिस्सा बनने के बजाय लोगों के साथ मिलकर एक नया राजनीतिक मंच खड़ा करने की बात कह रही हैं। जानिए दिव्या मित्तल कौन हैं, एजुकेशन, करियर, परस्नल लाइफ से लेकर राजनीति में नई पारी शुरु करने की तैयारी तक, रोचक बातें।
दिव्या मित्तल हरियाणा के रेवाड़ी से आती हैं। उनका जन्म 23 नवंबर 1983 को हुआ था। पढ़ाई के मामले में उनका सफर काफी खास रहा। उन्होंने IIT दिल्ली से B.Tech किया और इसके बाद IIM बेंगलुरु से मैनेजमेंट की पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने लंदन में कॉरपोरेट सेक्टर में नौकरी की।
अच्छी नौकरी और आर्थिक सुरक्षा के बावजूद उन्होंने अलग रास्ता चुना। भारत लौटकर UPSC की तैयारी शुरू की। पहली कोशिश में उनका चयन IPS के लिए हुआ, लेकिन IAS बनने का लक्ष्य लेकर उन्होंने दोबारा परीक्षा दी। साल 2013 में उन्होंने UPSC में ऑल इंडिया रैंक 68 हासिल की और IAS में चयनित होकर उत्तर प्रदेश कैडर पाया।
दिव्या मित्तल ने अपने प्रशासनिक करियर में केंद्र और उत्तर प्रदेश, दोनों स्तरों पर काम किया। वह नीति आयोग में असिस्टेंट सेक्रेटरी रहीं। इसके बाद मेरठ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, गोंडा में चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर और UPSIDC में ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर जैसी जिम्मेदारियां संभालीं। वह बरेली विकास प्राधिकरण की वाइस चेयरमैन भी रहीं। इसके बाद संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी के तौर पर काम किया।
मिर्जापुर की DM रहते हुए लहुरियादह गांव में पाइपलाइन से पानी पहुंचाने की पहल ने उन्हें खास पहचान दिलाई। गांव में लंबे समय से पानी की समस्या थी और जल जीवन मिशन के तहत वहां पाइपलाइन और दूसरी जरूरी व्यवस्था विकसित की गई।
30 अगस्त 2026 को दिव्या मित्तल ने IAS से इस्तीफा देने का ऐलान किया था। उपलब्ध कंटेंट के मुताबिक उन्होंने निजी और पारिवारिक कारणों के साथ जीवन के नए लक्ष्यों का जिक्र किया था। उनका इस्तीफा 15 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ।
अब उनकी अगली मंजिल राजनीति है। हालांकि उन्होंने साफ कहा है कि वह किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं होंगी। उनका फोकस लोगों के साथ मिलकर ऐसा राजनीतिक मंच तैयार करने पर है, जिसमें आम लोगों की समस्याओं को केंद्र में रखा जाए।
दिव्या मित्तल के मुताबिक उत्तर प्रदेश उनके लिए सिर्फ नौकरी की जगह नहीं रहा। प्रशासनिक सेवा के दौरान गांवों, शिक्षा, सड़क, पानी, जमीन और युवाओं से जुड़े मुद्दों से उनका सीधा सामना हुआ। अब वह इन्हीं अनुभवों को अपनी सार्वजनिक और राजनीतिक भूमिका का आधार बनाना चाहती हैं।
उन्होंने स्कूलों की कमी, सरकारी जमीन पर कब्जे, खराब सड़कों, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य पर AI के असर जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया है। उनका कहना है कि राजनीति में आने का मकसद सिर्फ किसी व्यक्ति को बदलना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं को देखने और हल करने के तरीके में बदलाव लाना है।
दिव्या मित्तल ने अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक चर्चा से काफी हद तक दूर रखा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वह दो बेटियों की मां हैं। उन्होंने अपने सार्वजनिक वक्तव्यों में परिवार और बच्चों के भविष्य को लेकर अपनी चिंताओं का भी जिक्र किया है।
सरकारी नौकरियों की नोटिफिकेशन, परीक्षा तिथियां, एडमिट कार्ड, रिज़ल्ट और कट-ऑफ अपडेट्स पाएं। करियर टिप्स, स्किल डेवलपमेंट और एग्ज़ाम गाइडेंस के लिए Career News in Hindi और सरकारी भर्ती से जुड़े ताज़ा अपडेट्स के लिए Sarkari Naukri सेक्शन देखें — नौकरी और करियर जानकारी भरोसेमंद तरीके से यहीं।