
CBSE 10th Phase 2 Result 2026: 6.68 लाख से ज्यादा छात्र अपने सीबीएसई 10वीं के फेज-2 यानी इंप्रूवमेंट एग्जाम रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। बोर्ड जल्द ही अपनी ऑफिशियल वेबसाइट cbseresults.nic.in पर नतीजे जारी करने वाला है। रिजल्ट देखने के लिए आपको अपने रोल नंबर, एडमिट कार्ड की डिटेल और जन्मतिथि की जरूरत होगी। सीबीएसई के 'फेज-2' परीक्षा कराने का मकसद बच्चों के सिर से बोर्ड एग्जाम का डर हटाना और साल बर्बाद होने से बचाना है। लेकिन कई स्टूडेंट के मन में डर है कि 'अगर फेज-2 का रिजल्ट भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, तो क्या होगा? क्या पूरा साल बर्बाद हो जाएगा?' बिल्कुल नहीं, आपके पास अभी भी मौके बचे हैं। लेकिन ये इस बात पर तय होगा कि आपके कितने सब्जेक्ट में कम नंबर आए हैं। आइए जानते हैं इंप्रूवमेंट एग्जाम में भी कम नंबर आने पर आपके पास क्या ऑप्शन हैं...
केस 1: सिर्फ 1 या 2 सब्जेक्ट में कम नंबर
अगर फेज-2 के रिजल्ट में आपका सिर्फ एक या दो पेपर क्लियर नहीं हो पाया है, तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आपको 'कंपार्टमेंट' की कैटेगरी में रखा जाएगा। आपका एकेडमिक साल (Academic Year) बर्बाद नहीं होगा। सीबीएसई इसी साल जुलाई महीने में सप्लीमेंट्री परीक्षाएं आयोजित करेगा। यह आपके लिए साल बचाने का तीसरा और आखिरी मौका होगा। ज्यादातर स्कूल ऐसे छात्रों को 11वीं क्लास में प्रोविजनल (अस्थाई) एडमिशन दे देते हैं, ताकि आपकी रेगुलर पढ़ाई न छूटे। जुलाई में पास होते ही आपका एडमिशन कंफर्म हो जाएगा।
केस 2: 3 या उससे ज्यादा सब्जेक्ट में कम नंबर
अगर फेज-2 के बाद भी 3 या उससे ज्यादा पेपर रुक जाते हैं, तो यहां थोड़ी सख्ती है। सीबीएसई ने अब रिपोर्ट कार्ड से 'Fail' शब्द हटाकर उसकी जगह ER (Essential Repeat) लिखना शुरू कर दिया है, लेकिन इसका मतलब यही है कि आपको यह क्लास दोबारा पढ़नी होगी। इस स्थिति में आप 11वीं क्लास में नहीं जा सकते और स्कूल से आपका अस्थाई एडमिशन कैंसिल हो जाएगा। ER कैटेगरी वाले छात्र जुलाई की सप्लीमेंट्री परीक्षा नहीं दे सकते। उन्हें अगले साल के लिए नए सिरे से रजिस्ट्रेशन कराना होगा और सभी 5 या 6 विषयों के पेपर दोबारा देने होंगे।
चाहे आपका कंपार्टमेंट आया हो या ER, आपको स्कूल के प्रैक्टिकल एग्जाम या इंटरनल असेसमेंट दोबारा नहीं देने होंगे। सीबीएसई आपके पुराने प्रैक्टिकल के नंबरों को ही आगे कैरी फॉरवर्ड (जोड़) कर देगा, ताकि आप पूरा ध्यान सिर्फ लिखित थ्योरी पेपर पर लगा सकें।
पैरेंट्स से खुद बात करें
माता-पिता गुस्से या टेंशन में इसलिए होते हैं क्योंकि उन्हें आपके भविष्य की चिंता होती है। उनसे भागने के बजाय, खुद उनके साथ बैठें और उन्हें बताएं कि आपके पास आगे का क्या प्लान है (जैसे जुलाई कंपार्टमेंट की तैयारी या आगे की रणनीति)। जब वो आपको गंभीर देखेंगे, तो उनका गुस्सा शांत हो जाएगा।
कमरे में बंद न हों, रूटीन न छोड़ें
दिनभर कमरे में रोने या सोने से घर का माहौल और भारी होता है। सुबह समय पर उठें, घरवालों के साथ खाना खाएं और वॉक पर जाएं। दिन के 3-4 घंटे अपने कमजोर सब्जेक्ट को दें और बाकी दिन नॉर्मल रहें।
सरकारी नौकरियों की नोटिफिकेशन, परीक्षा तिथियां, एडमिट कार्ड, रिज़ल्ट और कट-ऑफ अपडेट्स पाएं। करियर टिप्स, स्किल डेवलपमेंट और एग्ज़ाम गाइडेंस के लिए Career News in Hindi और सरकारी भर्ती से जुड़े ताज़ा अपडेट्स के लिए Sarkari Naukri सेक्शन देखें — नौकरी और करियर जानकारी भरोसेमंद तरीके से यहीं।