चीन के स्कूल में टॉयलेट ब्रेक पर चौंकाने वाला नियम, पूरे टर्म में सिर्फ एक बार जाने की इजाजत

Published : Sep 14, 2026, 05:23 PM IST
China School Toilet Break Rule

सार

China School Toilet Break Rule: चीन के एक स्कूल में छात्रों के टॉयलेट ब्रेक पर कथित अजीब नियम से विवाद छिड़ गया है। जानिए पूरे टर्म में सिर्फ एक बार टॉयलेट ब्रेक दिए जाने की क्या है वजह।

China School Toilet Rule: चीन के गुआंगदोंग प्रांत के एक हाई स्कूल का कथित नियम इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल ने छात्रों के लिए ऐसा नियम बनाया, जिसके तहत वे पूरे टर्म में क्लास के दौरान सिर्फ एक बार टॉयलेट जा सकते हैं। खास बात यह है कि कथित नियम में इमरजेंसी में टॉयलेट जाने की स्थिति को भी अलग छूट नहीं दी गई।

पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन से सामने आया मामला

यह मामला रुवान काउंटी हाई स्कूल का बताया जा रहा है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, अगस्त के आखिर में स्कूल की एक आंतरिक बैठक के दौरान पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन में यह नियम सामने आया। बैठक में मौजूद एक शिक्षक ने कथित तौर पर इसकी तस्वीर ली, जिसके बाद यह ऑनलाइन फैल गई। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि एक टर्म के दौरान छात्र को क्लास छोड़कर टॉयलेट जाने का सिर्फ एक मौका मिलेगा। अगर छात्र दूसरी बार टॉयलेट जाने की कोशिश करता है तो उसके माता-पिता को स्कूल बुलाने और प्रशासन के साथ उसकी पढ़ाई पर चर्चा करने की बात कही गई। तीसरी बार के लिए कार्रवाई का जिक्र है, लेकिन सजा का स्वरूप स्पष्ट नहीं किया गया।

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नियम का असर शिक्षकों पर भी

कथित प्रस्तुति में क्लासरूम अनुशासन की जिम्मेदारी शिक्षकों पर डाली गई। इसमें यह भी कहा गया कि शिक्षक अनुशासन को किस तरह संभालते हैं, इसका असर उनके सालाना मूल्यांकन, प्रमोशन और पुरस्कारों से जुड़े फैसलों पर पड़ सकता है। यानी मामला सिर्फ छात्रों के टॉयलेट ब्रेक तक सीमित नहीं है, बल्कि स्कूल में अनुशासन लागू करने के तरीके और शिक्षकों की जवाबदेही से भी जुड़ जाता है।

स्कूल ने दावे को बताया ‘अफवाह’

विवाद सामने आने के बाद स्कूल के एक अधिकारी ने पहले इसे ‘गलतफहमी’ बताया। बाद में अधिकारी ने इसे ‘अफवाह’ करार दिया। हालांकि स्थानीय शिक्षा विभाग को इस मामले में शिकायतें मिली हैं और वह स्कूल से जानकारी लेकर कथित नियम की पुष्टि कर रहा है। रुवान काउंटी हाई स्कूल को गुआंगदोंग के मॉडल स्कूलों में गिना जाता है। यहां करीब 3,200 छात्र और 57 कक्षाएं हैं।

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चीन में सख्त स्कूल नियमों पर फिर बहस

चीन में छात्रों के ब्रेक और क्लासरूम अनुशासन को लेकर ऐसे विवाद पहले भी सामने आ चुके हैं। 2025 में सिचुआन के एक अभिभावक ने आरोप लगाया था कि चेंगदू के एक स्कूल में 10 मिनट के ब्रेक के दौरान छात्रों को कक्षा से बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। मार्च में चीन के शिक्षा मंत्रालय ने स्कूलों में अनुचित व्यवहार के 20 प्रकारों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे। इनमें छात्रों के आराम के समय में दखल देना और शारीरिक गतिविधियों को सीमित करना भी शामिल था। ऐसे में गुआंगदोंग का यह मामला स्कूल अनुशासन बनाम छात्रों की बुनियादी जरूरतों को लेकर नई बहस छेड़ रहा है।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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