
करियर डेस्क : मोदी सरकार की दूसरी पारी के आखिरी पूर्ण बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने नौकरियों का पिटारा खोल दिया है। रोजगार का ऐलान करते हुए फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि अगले तीन साल में 740 एकलव्य स्कूलों (Eklavya Schools) में 38 हजार 800 टीचर-स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ नियुक्त किए जाएंगे। 3.5 लाख आदिवासी छात्रों को इसका फायदा होगा।
वित्तीय साक्षरता पर जोर, ट्राइबल मिशन पर 15,000 करोड़
बजट 2023-24 में सरकार ने वित्तीय साक्षरता को बढ़ाने पर जोर दिया है। वित्तमंत्री निर्मला निर्मला सीतारमण ने बजट में ट्राइबल मिशन के लिए 3 साल में 15,000 करोड़ रुपए की घोषणा की है। जिसमें आदिवासी छात्रों के लिए 740 एकलव्य मॉडल रेजिडेंटल स्कूल (Eklavya Model Residential Schools) खोलने का ऐलान किया है। इन स्कूलों में 38,800 शिक्षक-स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ की भर्ती की जाएगी।
अभी देश में 689 एकलव्य मॉडल रेजिडेंटल स्कूल
बता दें कि सरकार हर ब्लॉक में एक एकलव्य मॉडल रेजिडेंटल स्कूल स्थापित करेगी। जिसमें 50 प्रतिशत से ज्यादा एसटी आबादी और कम से कम 20,000 आदिवासी आबादी हैं। आबादी की गणना 2011 की जनगणना के अनुसार किया जाएगा। मंत्रालय की तरफ से पूरे देश में 740 EMRS स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में देश में कुल 689 ईएमआरएस मंजूर हो चुके हैं। जिसमें 394 स्कूल चल रहे हैं।
पढ़ाई की नुकसान की भरपाई
फाइनेंस मिनिस्टर ने ऐलान करते हुए कहा कि बच्चों और युवाओं के लिए नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी सेट होगी। जिसमें सभी सब्जेक्ट्स और सभी सेक्शन की किताबें आसानी से उपलब् होंगी। वार्ड और पंचायत लेवल पर लाइब्रेरी सेट की जाएगी ताकि नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी का देश के कोने-कोने तक पहुंच सके। सरकार कोरोना में नुकसान हुई पढ़ाई की भी भरपाई करेगी।
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