
नई दिल्ली : शुरुआत में फ्रेशर होने के कारण काम ज़्यादा। फिर सैलरी के लिए एक-दो कंपनी बदलना। और फिर सीनियर पोस्ट। असंभव टारगेट, ज़्यादा ज़िम्मेदारी, सैलरी बढ़ गई, ये सब कॉर्पोरेट दुनिया में आम बात है। ज़्यादातर लोग किसी तरह 55 की उम्र पार कर लेते हैं। फिर रिटायरमेंट या आराम की सोचते हैं, तो ये प्लान अभी ही छोड़ दो। क्योंकि कॉर्पोरेट दुनिया का माहौल बदल गया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब कॉर्पोरेट या प्राइवेट कंपनियों में रिटायरमेंट की उम्र सिर्फ 40 है। इससे ज़्यादा उम्र वालों के लिए मुश्किल है।
प्राइवेट कंपनियों में रिटायरमेंट की उम्र 40
प्राइवेट या कॉर्पोरेट कंपनियों में रिटायरमेंट की उम्र 60 से 55, फिर 45 हुई। अब ये 40 हो गई है। ये कोई लिखित नियम नहीं है। लेकिन 40 के बाद या रिटायरमेंट तक कर्मचारी टिकते ही नहीं हैं। उससे पहले ही इस्तीफा दे देते हैं, या किसी और वजह से कंपनी छोड़ देते हैं, ऐसा इन्वेस्टमेंट बैंकर सार्थक आहूजा का कहना है।
40 के बाद कोई कंपनी नहीं पूछेगी
40 के बाद अगर आप प्राइवेट कंपनी में बने रहना चाहते हैं या किसी और प्राइवेट, कॉर्पोरेट कंपनी में नौकरी की सोच रहे हैं, तो ये नामुमकिन है। क्योंकि 40 पार कर चुके कर्मचारी किसी प्राइवेट कंपनी को नहीं चाहिए। इसकी मुख्य वजह है उनकी सैलरी, सीनियॉरिटी वगैरह। कम खर्च में, नए ज़माने के, टेक्नोलॉजी से लैस फ्रेशर या नए लोग कंपनी को मिल जाते हैं, ये एक अनऑफिशियल नियम है।
अनुभव बढ़ने पर बोझ
डॉक्टर, वकील जैसे कुछ प्रोफेशन में अनुभव बढ़ने पर वैल्यू बढ़ती है। यानी एक्सपीरियंस्ड डॉक्टर की डिमांड ज़्यादा होती है। उन्हें अच्छी सैलरी भी मिलती है। वकालत में भी अनुभव के साथ सैलरी और डिमांड बढ़ती है। लेकिन मार्केटिंग, सेल्स, प्रोडक्शन, टेक, ऑपरेशन, मैनेजमेंट जैसी कॉर्पोरेट कंपनियां अब रिटायरमेंट की उम्र 45 कर रही हैं। यानी 40 के बाद इन कंपनियों में बने रहना मुश्किल है। कर्मचारी चाहे जितनी कोशिश करें, कंपनी नहीं चाहती, सार्थक आहूजा का कहना है। 40 के बाद कंपनियां इंटरव्यू के लिए बुलाती नहीं हैं, या इंटरव्यू के ज़रिए सिलेक्शन के चांस कम होते हैं।
अगर आप सोच रहे हैं कि नौकरी मिलने के बाद 60 साल की उम्र तक काम करेंगे, या अभी बहुत समय है, तो ये भूल जाओ, सार्थक आहूजा का कहना है। अब 40 की उम्र में रिटायर होने का प्लान बनाना होगा। 40 के बाद अगर कंपनी रखे तो बोनस, वरना हम हैं न। इसलिए निवेश और रिटायरमेंट के सालों के बारे में प्लानिंग ज़रूरी है।
40 के बाद कंपनी में बने रहने के कुछ रास्ते
सार्थक के मुताबिक, 40 के बाद किसी प्राइवेट कंपनी में बने रहने के कुछ रास्ते हैं। इनमें सबसे ज़रूरी है, नए ज़माने के हिसाब से स्किल्स डेवलप करना। यानी नए लोगों से बेहतर स्किल्स आपको चाहिए। आपकी स्किल, अनुभव, मुश्किल हालात संभालने का तरीका ऐसा हो कि कोई और न कर सके। आप कंपनी से गए तो कंपनी को बहुत नुकसान होगा, ये कंपनी को पता होना चाहिए। अगर आपके पास ये स्किल्स हैं, तो ही 40 के बाद प्राइवेट कंपनी में टिक पाएंगे।
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