
एजुकेशन डेस्क। महाराष्ट्र गवर्नमेंट ने 5वीं और 8वीं क्लास के लिए वार्षिक परीक्षाएं फिर से शुरू की हैं। ऐसे में यदि छात्र दूसरे अटेम्प्ट में भी परीक्षा पास करने में कामयाब नहीं होते हैं तो उन्हें उसी क्लास में रोका जा सकेगा। स्टेट स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने आज इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है।
8वीं क्लास तक नो डिटेंशन पॉलिसी
सेंट्रल गवर्नमेंट के राइट टू एजुकेशन एक्ट में हुए एमेंडमेंट में कक्षा 8 तक फेल होने पर किसी छात्र को आगे की क्लास में रोकने का नियम नहीं है। आरटीई 2009 के तहत बनाए गए नियम में स्कूल किसी भी छात्र को फेल होने पर रोक नहीं सकते थे। क्लास 8 तक के सभी स्टूडेंट्स नो डिटेंशन पॉलिसी के अंडर आते हैं.
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5वीं से 8वीं क्लास में रीएग्जाम का नियम बदला
Maharashtra government ended no detention policy: नोटिफिकेशन में कहा गया है कि कक्षा 5 और 8 के एकेडमिक इयर के अंत में एनुअल एग्जाम आयोजित किया जाएगा। यदि कोई स्टूडेंट परीक्षा पास करने में असफल होता है तो उसे एक्स्ट्रा गाइडेंस दिया जाएगा। फिर दो महीने बाद उसका री एग्जाम कराया जाएगा। यदि इसमे भी स्टूडेंट एग्जाम पास नहीं कर पाता है तो उसे अगली क्लास में न भेजकर दोबार उसी क्लास में पढ़ना होगा।
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2019 नो डिटेंशन पॉलिसी: हालांकि जारी किए गए नोटिफिकेशन में यह साफ कर दिया गया है कि प्राइमरी एजुकेशन कंप्लीट होने तक किसी भी स्टूडेंट को स्कूल से नहीं निकाला जाएगा। 2019 में आरटीई में किए गए बदलाव ने सभी स्टेट्स को दोबारा एग्जाम कराने और स्टूडेंट के फेल होने पर फिर से डीटेन करने का राइट दिया है.
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