क्या आप जानते हैं "बाड़ ही खेत को खा जाए" का मतलब? 7 मुहावरों के जबरदस्त अर्थ

Published : Nov 30, 2024, 10:00 AM IST
Muhavare in Hindi

सार

Muhavare: हिंदी के कठिन क्षेत्रीय मुहावरे परीक्षाओं में भाषा कौशल को निखारते हैं। ये मुहावरे सांस्कृतिक समझ और बोलचाल में गहराई जोड़ते हैं, और भावनाओं को प्रभावी ढंग से व्यक्त करते हैं। इनके सही अर्थ और उपयोग से परीक्षा में बढ़त मिल सकती है।

Muhavare: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते समय भाषा के ज्ञान का विशेष महत्व होता है। हिंदी के कठिन क्षेत्रीय मुहावरे न केवल आपकी भाषा क्षमता को दर्शाते हैं, बल्कि परीक्षा में आपके उत्तर को प्रभावशाली भी बनाते हैं। ये मुहावरे गहरी सांस्कृतिक समझ और रोजमर्रा की बोलचाल में गहराई जोड़ते हैं। मुहावरे केवल शब्दों का खेल नहीं, बल्कि किसी स्थिति या भावना को संक्षेप में और प्रभावी तरीके से व्यक्त करने का जरिया हैं। खासतौर पर क्षेत्रीय मुहावरों का सही अर्थ और उपयोग समझने से आप परीक्षा में बढ़त हासिल कर सकते हैं। यहां दिए गए कठिन और प्रचलित क्षेत्रीय मुहावरे आपके ज्ञान को निखारेंगे और परीक्षा में आपके उत्तरों को और मजबूत बनाएंगे।

मुहावरा- "खुद का गुनाह और दूसरों को सलाह"

मुहावरे का अर्थ: स्वयं गलती करना और दूसरों को सही मार्गदर्शन देना। जब कोई व्यक्ति खुद गलत काम करता हो लेकिन दूसरों को अच्छी बातें सिखाए। जैसे, धूम्रपान करने वाला किसी और को स्वस्थ जीवन जीने की सलाह दे।

मुहावरा- "नकली सिक्के की तरह चमकना"

मुहावरे का अर्थ: दिखावा करना या अपने को झूठा महत्व देना। इस मुहावरे का उपयोग तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति अपने आपको ज्यादा महत्वपूर्ण या योग्य दिखाने के लिए दिखावा करता है, जबकि वास्तविकता में वह ऐसा नहीं होता। जैसे कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति या शिक्षा का गलत तरीके से प्रचार करता है, तो उसे इस मुहावरे से व्यक्त किया जाता है।

मुहावरा- "उधार की रोटी खाने से अच्छा है खुद भूखा रहना"

मुहावरे का अर्थ- बिना स्वाभिमान के किसी से मदद लेना सही नहीं। यह मुहावरा तब उपयोग किया जाता है जब व्यक्ति अपने आत्मसम्मान के खिलाफ जाकर किसी से मदद या सहारा लेता है। यह मुहावरा यह संदेश देता है कि किसी का एहसान लेकर जीने से बेहतर है कि व्यक्ति अपनी मेहनत से अपनी जिंदगी गुजारे।

मुहावरा- "जंगल में मोर नाचा किसने देखा"

मुहावरे का अर्थ: किसी की प्रतिभा या सफलता तब तक मायने नहीं रखती जब तक वह लोगों के सामने न हो। जब किसी व्यक्ति का कौशल या योग्यता बिना दर्शकों के हो, तो वह व्यर्थ हो जाती है। जैसे, किसी कलाकार का प्रदर्शन बिना दर्शकों के करना।

मुहावरा- "छाती पर सांप लोटना"

मुहावरे का अर्थ: अत्यधिक जलन या ईर्ष्या होना। जब कोई व्यक्ति दूसरों की सफलता या किसी चीज को पाकर बेहद ईर्ष्या करता है, तो इस मुहावरे का उपयोग किया जाता है। जैसे, किसी को उसके दुश्मन की तरक्की देखकर जलन हो रही हो।

मुहावरा- "नाक कटना"

मुहावरे का अर्थ: अपमान होना या इज्जत गंवाना। यह मुहावरा तब प्रयोग होता है जब किसी व्यक्ति या परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचे। जैसे, किसी सार्वजनिक जगह पर झूठ पकड़े जाने पर।

मुहावरा- "बाड़ ही खेत को खा जाए"

मुहावरे का अर्थ: जो रक्षक हो, वही नुकसान पहुंचाए। यह मुहावरा तब उपयोग किया जाता है जब कोई विश्वासपात्र व्यक्ति ही धोखा दे। जैसे, बैंक अधिकारी द्वारा घोटाला करना।

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About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...

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