
Muhavare in hindi: जब प्रतियोगी परीक्षाओं की बात आती है, तो अधिकतर विद्यार्थी गणित, सामान्य ज्ञान और रीजनिंग पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन भाषा और उसके गूढ़ तत्व जैसे मुहावरे अक्सर उपेक्षित रह जाते हैं। हालांकि, मुहावरों का सही और प्रभावी उपयोग भाषा को न केवल समृद्ध करता है बल्कि परीक्षाओं में अच्छे अंक लाने का एक छुपा हुआ हथियार भी साबित हो सकता है। मुहावरे हमारी सोच को गहराई और नयापन देते हैं, जिससे हम अपनी बात को अधिक सशक्त तरीके से प्रस्तुत कर पाते हैं। जानिए कुछ ऐसे मुहावरे जिनका ज्ञान आपको भीड़ से अलग बनाएगा और आपके भाषा कौशल को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। तो आइए, इन मुहावरों के अर्थ और उनके वास्तविक उपयोग को समझते हैं ताकि आपके शब्दों में वह प्रभाव आ सके जो परीक्षाओं में सफलता दिलाने में सहायक हो।
मुहावरे का अर्थ: छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े परिणाम प्राप्त होते हैं। इस मुहावरे का प्रयोग तब होता है जब यह बताया जाता है कि निरंतर छोटी-छोटी मेहनत से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं, जैसे कि बचत से बड़ा धन जमा करना।
मुहावरे का अर्थ: अपने ही किए गए कार्यों से खुद को नुकसान पहुंचाना। इसका उपयोग तब होता है जब कोई व्यक्ति ऐसा कुछ करता है जो अंत में उसी के लिए हानिकारक सिद्ध होता है, जैसे बिना सोचे-समझे कदम उठाना।
मुहावरे का अर्थ: प्रतिशोध या संतोष का अनुभव होना। इस मुहावरे का प्रयोग तब होता है जब किसी व्यक्ति को किसी के साथ न्याय हो जाने या बदला लेने से मानसिक शांति मिलती है।
मुहावरे का अर्थ: किसी बात से बिल्कुल भी प्रभावित न होना। इस मुहावरे का उपयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति को किसी बात की बिल्कुल भी परवाह नहीं होती और वह बेपरवाह रहता है।
मुहावरे का अर्थ: किसी पर अत्यधिक दबाव डालना या हावी हो जाना। इसका प्रयोग तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति दूसरों पर अपने अधिकार या सोच को जबरन थोपता है, जिससे दूसरे को असहज महसूस होता है।
मुहावरे का अर्थ: किसी की चाल पर उससे भी तीव्र प्रतिक्रिया देना। इस मुहावरे का प्रयोग तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति अपनी चाल या प्रतिक्रिया से दूसरे व्यक्ति को पूरी तरह मात दे देता है।
मुहावरे का अर्थ: चालाक और समझदार होना। इसका मतलब है कि किसी व्यक्ति ने जीवन में अच्छे अनुभव प्राप्त किए हैं और वह आसानी से धोखा नहीं खा सकता, क्योंकि वह हर स्थिति को समझने में सक्षम होता है।
मुहावरे का अर्थ: यदि किसी अच्छी चीज को देखने या जानने वाला कोई न हो, तो उसका महत्व कम हो जाता है। इसका मतलब है कि कोई व्यक्ति चाहे कितना ही अच्छा काम कर ले, यदि उसे सराहने वाला कोई न हो, तो वह काम किसी के लिए महत्वहीन हो जाता है।
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