Success Story: ₹2.4 LPA से ₹1 करोड़ तक का सफर, बेंगलुरु इंजीनियर की कहानी इंटरनेट पर छाई

Published : May 19, 2025, 04:23 PM IST
success story

सार

Success Story Viral Post: बेंगलुरु के एक इंजीनियर ने कम सैलरी से शुरुआत करके 30 साल से पहले ₹1 करोड़ की नेटवर्थ कैसे बनाई? जानिए उनकी प्रेरणादायक कहानी, संघर्ष से सफलता तक का सफर।

Engineer Success Story Viral Post: बेंगलुरु के एक इंजीनियर की लाइफ स्टोरी इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। Reddit पर शेयर की गई इस पोस्ट में उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने 23 साल की उम्र में सालाना सिर्फ ₹2.4 लाख की कम सैलरी से शुरुआत की और 30 साल की उम्र से पहले ₹1 करोड़ की नेटवर्थ बना ली। इंजीनियर ने लिखा कि ये कहानी किसी घमंड के लिए नहीं, बल्कि इस बात की मिसाल है कि अगर धैर्य और मेहनत से आगे बढ़ा जाए, तो जिंदगी में कितना कुछ बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि ये उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो अभी करियर की शुरुआत कर रहे हैं।

गरीबी में बीता बचपन, लेकिन हार नहीं मानी

पोस्ट के मुताबिक, इंजीनियर एक निम्न आय वर्ग के परिवार से आते हैं। उनके पिता की आमदनी सिर्फ ₹7,000–8,000 थी, जबकि मां ₹5,000–7,000 कमाती थीं। वो एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ते थे जिसकी फीस ₹1,200 महीने थी। उन्होंने लिखा, "पैसे हमेशा तंग रहते थे, लेकिन फिर भी किसी चमत्कार की तरह मैं एक ठीक-ठाक प्राइवेट स्कूल में पढ़ सका।" खुद को "स्मार्ट लेकिन बेहद आलसी" बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने 10वीं और 12वीं में बिना ज्यादा पढ़ाई के 89% अंक हासिल किए।

बिना कोचिंग JEE पास, लेकिन इंजीनियरिंग कॉलेज लोकल

JEE को बिना कोचिंग के पास करने के बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन ब्रांच में एक लोकल प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लिया। फीस भरना मुश्किल था, लोन रिजेक्ट हो गया, लेकिन रिश्तेदारों की मदद से पढ़ाई पूरी हुई। तीसरे साल में उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें कोडिंग का ज्यादा शौक है। इलेक्ट्रॉनिक्स पीछे छूटने लगा और प्रोग्रामिंग उनका जुनून बन गई।

पहली नौकरी, 15 हजार महीने में गुजारा

कॉलेज प्लेसमेंट के जरिए उन्हें पहली नौकरी मिली। 400 से ज्यादा छात्रों में से सिर्फ 35 को सिलेक्ट किया गया, जिसमें वो भी शामिल थे। 2018 में उन्होंने नौकरी शुरू की, सैलरी थी ₹2.4 लाख सालाना यानी सिर्फ ₹15,000 महीने। उन्होंने लिखा, "बेंगलुरु जैसे शहर में इतनी कम सैलरी में सर्वाइव करना डरावना था। लेकिन दोस्तों के साथ थ्री-शेयरिंग पीजी और ₹500 को ₹5,000 की तरह चलाने की कला ने काम कर दिखाया। हम लोगों ने खूब मस्ती भी की।"

धीरे-धीरे बढ़ता गया ग्रोथ

2020 की शुरुआत में उन्होंने एक बिग 4 कंपनी के सारे इंटरव्यू क्लियर कर लिए थे, ऑफर ₹6–8 लाख का था। फिर अप्रैल 2021 में उन्होंने एक हेल्थकेयर स्टार्टअप जॉइन किया। वहां का काम और टीम अच्छी लगी, लेकिन दिसंबर 2021 में 'The Great Resignation' के दौरान पूरी टीम टूट गई। 7 में से 5 लोग छोड़ गए। ये देखकर उन्होंने भी नौकरी बदलने का मन बना लिया।

इनवेस्टमेंट की समझ और 13 ऑफर

2018 में जब उन्होंने काम शुरू किया, तब उन्हें निवेश के बारे में कुछ नहीं पता था। उनकी बचत बस बैंक अकाउंट में पड़ी रहती थी। बाद में उन्होंने बेहतर सैलरी की तलाश में इंटरव्यू देना शुरू किया। मार्च 2022 तक उनके पास 13 जॉब ऑफर थे। कुछ ऑफर शानदार थे, तो कुछ में "ग्लिटर लगे हुए रेड फ्लैग" नजर आए। अंत में उन्होंने एक नामी प्रोडक्ट-बेस्ड कंपनी का ऑफर स्वीकार किया, जहां सैलरी ₹32 लाख सालाना थी। आज उनकी नेटवर्थ ₹1 करोड़ के पार पहुंच चुकी है। उनकी ये कहानी उन युवाओं के लिए एक प्रेरणा है, जो छोटे पैकेज से शुरुआत करके भी बड़ा मुकाम हासिल करना चाहते हैं। नीचे देखें पोस्ट-

 

 

PREV

Education News: Read about the Latest Board Exam News, School & Colleges News, Admission news in hindi, Cut-off list news - Asianet Hindi

AT
About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
Read more Articles on

Recommended Stories

Education Budget 2026: लड़कियों के हॉस्टल, नई यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स- छात्रों के लिए क्या-क्या नया?
Parth Pawar Education: कितने पढ़े-लिखे हैं पार्थ पवार? HR कॉलेज से UK तक की पढ़ाई और राजनीति का सफर