
Who was Agnivesh Agarwal: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन और देश के प्रमुख उद्योगपतियों में शुमार अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल के निधन की खबर ने कारोबारी जगत को झकझोर कर रख दिया है। अमेरिका में हुए एक स्कीइंग हादसे के बाद 49 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। भले ही वह लाइमलाइट से दूर रहते थे, लेकिन कॉरपोरेट दुनिया में उनकी पहचान एक शांत, दूरदर्शी और प्रभावशाली लीडर के रूप में थी। आइए जानते हैं कि कौन थे अग्निवेश अग्रवाल, उनका करियर कैसा रहा और उनका पारिवारिक बैकग्राउंड कितना मजबूत था।
अग्निवेश अग्रवाल का जन्म 3 जून 1976 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। शुरुआती पढ़ाई उन्होंने देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक अजमेर के मेयो कॉलेज से की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पारिवारिक बिजनेस में कदम रखा और धीरे-धीरे वेदांता ग्रुप की कई अहम जिम्मेदारियां संभालते चले गए।
अग्निवेश अग्रवाल वेदांता ग्रुप की कई कंपनियों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। उन्होंने हिंदुस्तान जिंक में गैर-कार्यकारी चेयरमैन के तौर पर काम किया, जहां कॉरपोरेट गवर्नेंस और रणनीतिक फैसलों में उनकी भूमिका अहम रही। इस पद से हटने के बाद भी उनका जुड़ाव ग्रुप से बना रहा और वह तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का हिस्सा बने। इसके अलावा उन्होंने ट्विन स्टार इंटरनेशनल लिमिटेड और स्टरलाइट डिस्प्ले टेक्नोलॉजी जैसी वेदांता ग्रुप की सब्सिडियरीज में डायरेक्टर की जिम्मेदारी निभाई। उनके नेतृत्व में कई प्रोजेक्ट्स को नई दिशा मिली।
अग्निवेश अग्रवाल केवल पारिवारिक बिजनेस तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने यूएई में स्थित फुजैरा गोल्ड FZC नाम की मेटल रिफाइनिंग कंपनी की स्थापना की, जिसने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके पिता अनिल अग्रवाल ने भी सार्वजनिक तौर पर यह स्वीकार किया कि अग्निवेश ने एक उद्यमी के रूप में खुद को साबित किया था।
अग्निवेश अग्रवाल की शादी पूजा बांगुर से हुई थी, जो पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े कारोबारी परिवारों में से एक से ताल्लुक रखती हैं। वह श्री सीमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर हरि मोहन बांगुर की बेटी हैं। उनके दादा बेनु गोपाल बांगुर देश के दिग्गज उद्योगपतियों में शामिल रहे हैं और उनकी गिनती भारत के सबसे अमीर लोगों में होती है। बांगुर परिवार की संपत्ति अरबों डॉलर में आंकी जाती है।
अग्निवेश अग्रवाल की व्यक्तिगत नेटवर्थ को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन उनके पिता अनिल अग्रवाल भारत के सबसे अमीर उद्योगपतियों में शामिल हैं। उनकी कुल संपत्ति करीब 3.3 अरब डॉलर बताई जाती है। वहीं वेदांता ग्रुप का मार्केट कैपिटलाइजेशन 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
अनिल अग्रवाल ने बेटे के निधन पर भावुक संदेश में लिखा कि अग्निवेश सिर्फ उनके बेटे नहीं, बल्कि उनके सबसे अच्छे दोस्त और सबसे बड़े गर्व थे। एक स्पोर्ट्समैन, म्यूजिशियन और संवेदनशील लीडर के रूप में अग्निवेश अग्रवाल ने कम उम्र में ही एक मजबूत पहचान बना ली थी। उनका असमय जाना भारतीय कॉरपोरेट जगत के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
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