
Vishwa Hindi Diwas 2026 Date: हर वर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। यह दिन हिंदी भाषा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सशक्त रूप से स्थापित करने और दुनिया भर में हिंदी को मिल रही पहचान और अपनाए का प्रतीक है। विश्व हिंदी दिवस न केवल भाषा का उत्सव है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, विचार और संवाद की शक्ति को दुनिया तक पहुंचाने का माध्यम भी है। जानिए विश्व हिंदी दिवस का इतिहास, महत्व, राष्ट्रीय हिंदी दिवस और विश्व हिंदी दिवस में क्या अंतर है?
विश्व हिंदी दिवस की जड़ें 10 जनवरी 1975 को नागपुर में आयोजित पहले विश्व हिंदी सम्मेलन से जुड़ी हैं। इस ऐतिहासिक सम्मेलन का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था। हिंदी की वैश्विक यात्रा की शुरुआत 1949 में हुई, जब संयुक्त राष्ट्र महासभा में पहली बार हिंदी भाषा में संबोधन किया गया। बाद में 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने आधिकारिक रूप से 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस घोषित किया। अब तक 12 विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित हो चुके हैं।
हिंदी आज दुनिया की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, जिसे लगभग 60 करोड़ लोग बोलते हैं। यह भाषा भारत की सांस्कृतिक विविधता, एकता और पहचान का सशक्त माध्यम है। तकनीक, विज्ञान, डिजिटल मीडिया और वैश्विक संचार में हिंदी की भूमिका लगातार बढ़ रही है। विश्व हिंदी दिवस हिंदी प्रेमियों, साहित्यकारों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों को एक साझा मंच प्रदान करता है। इस अवसर पर देश और विदेश में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
राष्ट्रीय हिंदी दिवस हर वर्ष 14 सितंबर को मनाया जाता है। इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। वहीं, विश्व हिंदी दिवस का उद्देश्य हिंदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है। राष्ट्रीय हिंदी दिवस भारत-केंद्रित है, जबकि विश्व हिंदी दिवस वैश्विक दृष्टिकोण को दर्शाता है। विश्व हिंदी दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि विचार, संस्कृति और संवाद की वैश्विक सेतु है। इसका संरक्षण और प्रसार हम सभी की जिम्मेदारी है।
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