
Antarrashtriya Hindi Diwas Par Short Long Nibandh: विश्व हिंदी दिवस हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिवस हिंदी भाषा को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाने और इसके अंतरराष्ट्रीय प्रसार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से समर्पित है। इसकी जड़ें 1975 में नागपुर में आयोजित पहले विश्व हिंदी सम्मेलन से जुड़ी है, जिसने हिंदी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की। आज हिंदी दुनिया की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है और यह भारतीय संस्कृति को विश्व से जोड़ने वाली एक सशक्त कड़ी बन चुकी है। आज हिंदी 190+ देशों में बोली जाती है और अमेरिका के 150+ संस्थानों में पढ़ाई जाती है। विश्व हिंदी दिवस पर स्कूल, कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों में निबंध, भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। यदि आप ऐसी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने जा रहे हैं, तो यहां देखें छात्रों और शिक्षकों के लिए विश्व हिंदी दिवस 2026 पर छोटे-बड़े निबंध।
विश्व हिंदी दिवस हर साल 10 जनवरी को मनाया जाता है, जो हिंदी भाषा की वैश्विक पहचान और महत्व को दर्शाता है। वर्ष 1975 में नागपुर में आयोजित पहले विश्व हिंदी सम्मेलन की स्मृति में भारत सरकार ने 2006 से इसे आधिकारिक रूप से मनाना शुरू किया। हिंदी आज विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, जिसे 190 से अधिक देशों में लोग समझते और बोलते हैं।
हिंदी केवल भारत की राजभाषा ही नहीं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक एकता और पहचान का प्रतीक भी है। इस दिन स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में निबंध लेखन, भाषण, कविता पाठ और वाद-विवाद जैसी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं, जिससे विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति सम्मान और प्रेम विकसित होता है। डिजिटल मीडिया, साहित्य, सिनेमा और सोशल मीडिया के माध्यम से हिंदी का दायरा लगातार बढ़ रहा है।हमें गर्व के साथ हिंदी को अपनाते हुए इसे वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त बनाना चाहिए।
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विश्व हिंदी दिवस हिंदी भाषा के अंतरराष्ट्रीय महत्व को उजागर करने वाला विशेष अवसर है। हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाने वाला यह दिवस 1975 में नागपुर में आयोजित पहले विश्व हिंदी सम्मेलन से प्रेरित है। हिंदी के वैश्विक प्रचार-प्रसार को सशक्त करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने वर्ष 2006 से इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाने की शुरुआत की।
विश्व हिंदी दिवस का इतिहास
भारत में 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है, जब 1949 में संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया था। वहीं विश्व हिंदी दिवस का उद्देश्य हिंदी को अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करना है। पहला विश्व हिंदी सम्मेलन नागपुर में आयोजित हुआ, जहां हिंदी को वैश्विक मंच पर ले जाने पर व्यापक चर्चा हुई। अब तक 12 विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें दुनियाभर के हिंदी विद्वानों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया है।
विश्व हिंदी दिवस का महत्व
आज हिंदी को 60 करोड़ से अधिक लोग बोलते हैं। संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिंदी की उपस्थिति बढ़ रही है। बॉलीवुड, ओटीटी प्लेटफॉर्म, यूट्यूब और सोशल मीडिया ने हिंदी को वैश्विक लोकप्रियता दिलाई है। मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम जैसे देशों में हिंदी को विशेष या आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त है। 2026 में प्रयागराज में प्रस्तावित विश्व हिंदी सम्मेलन और इससे पहले कई शहरों में आयोजित कार्यक्रम हिंदी के बढ़ते प्रभाव को दर्शाते हैं।
विश्व हिंदी दिवस का उद्देश्य
विश्व हिंदी दिवस का मुख्य उद्देश्य हिंदी को शिक्षा, तकनीक, प्रशासन और कूटनीति में बढ़ावा देना है। यह दिवस युवाओं को अपनी मातृभाषा से जुड़ने और भाषाई एकता को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
विश्व हिंदी दिवस हमें अपनी भाषा पर गर्व करने और उसके संरक्षण व संवर्धन का संदेश देता है। हिंदी को अपनाकर और आगे बढ़ाकर हम भारतीय संस्कृति को विश्व पटल पर और अधिक प्रभावशाली बना सकते हैं।
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