4 घंटे की नींद और 14 घंटे काम करना सफलता नहीं, खराब मिसाल! ServiceNow की CFO ने क्यों उठाए सवाल?

Published : Oct 19, 2026, 11:13 AM ISTUpdated : Oct 19, 2026, 11:16 AM IST
Gina Mastantuono

सार

Long Working Hours: ServiceNow की CFO Gina Mastantuono ने 14 घंटे काम करने और 4 घंटे सोने को लेकर बिजनेस लीडर्स की सोच पर सवाल उठाए। कहां यह बहुत ही बुरा उदाहरण है। जानिए अच्छी नींद और वर्क-लाइफ बैलेंस क्यों जरूरी है।

Work Life Balance: क्या ऑफिस में देर तक रुकना और सिर्फ 4 घंटे सोकर काम करना ही मेहनत की निशानी है? क्या कम नींद लेकर ज्यादा काम करने वाला कर्मचारी वास्तव में दूसरों से बेहतर प्रदर्शन करता है? ServiceNow की प्रेसिडेंट और CFO जीना मस्तांतुओनो ने बिजनेस जगत की इसी सोच पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि 14 घंटे काम करने और 4 घंटे सोने का दिखावा करना दूसरे कर्मचारियों के लिए गलत उदाहरण पेश करता है।

क्यों 14 घंटे काम करने की सोच को गलत मानती हैं CFO?

कैलिफोर्निया के सांता बारबरा में Fortune Most Powerful Women Summit के दौरान जीना मस्तांतुओनो ने कहा कि कुछ सीनियर अधिकारी लंबे समय तक काम करने और कम सोने को अपनी उपलब्धि की तरह पेश करते हैं। उन्हें लगता है कि ज्यादा घंटे काम करना उनकी मेहनत और समर्पण को साबित करता है। लेकिन मस्तांतुओनो के मुताबिक, लीडरशिप का मतलब सिर्फ ज्यादा समय तक काम करना नहीं है। एक अच्छा बॉस वह है, जो अपनी टीम को बेहतर काम करने का माहौल दे और खुद भी सेहत का ध्यान रखे।

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क्या अच्छी नींद से काम करने की क्षमता बेहतर होती है?

मस्तांतुओनो ने आराम की अहमियत समझाने के लिए जिम में मांसपेशियां बनाने का उदाहरण दिया। जिस तरह एक्सरसाइज के बाद शरीर को रिकवरी की जरूरत होती है, उसी तरह लगातार काम करने के बाद दिमाग को भी आराम चाहिए। पर्याप्त नींद का असर ध्यान लगाने, फैसले लेने और तनाव से निपटने की क्षमता पर पड़ सकता है। अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह के मुताबिक, ज्यादातर वयस्कों को हर रात कम से कम 7 घंटे की नींद लेनी चाहिए।

क्या ज्यादा घंटे काम करना ही सफलता का पैमाना है?

बिजनेस जगत में इस मुद्दे पर अलग-अलग राय है। United Airlines के CEO स्कॉट किर्बी ने अपनी दिनचर्या में 8.5 घंटे की नींद, सुबह की एक्सरसाइज, पढ़ने के लिए समय और मीटिंग्स की सीमा तय करने की बात कही है। वहीं, टेक इंडस्ट्री में लंबे कामकाजी घंटों और ऑफिस में साथ काम करने पर जोर देने वाले लीडर्स भी रहे हैं। स्टार्टअप की दुनिया में भी कई बार लंबे समय तक काम करने को सफलता की शर्त माना जाता है। हालांकि, Proximity Works के CEO हार्दिक जगदा ने अपनी छह दिन काम करने की दिनचर्या के बावजूद साफ किया है कि वह अपने कर्मचारियों से उसी शेड्यूल को अपनाने की उम्मीद नहीं करते।

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कर्मचारियों और कंपनियों के लिए क्या है सबक?

  • नींद को नजरअंदाज न करें: लगातार कम सोने से सेहत और काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
  • काम के घंटे नहीं, नतीजे देखें: कर्मचारी ने कितनी देर काम किया, इसके बजाय काम की गुणवत्ता और परिणाम पर ध्यान देना जरूरी है।
  • आराम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं: ब्रेक और पर्याप्त नींद लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन में मदद कर सकते हैं।
  • लीडर्स खुद उदाहरण पेश करें: अगर बॉस हर समय काम में डूबे रहने को जरूरी बताते हैं, तो टीम पर भी वैसा ही दबाव बन सकता है।

यानी लंबे समय तक काम करना कभी-कभी जरूरी हो सकता है, लेकिन हर दिन कम नींद लेकर काम करना सफलता का भरोसेमंद फॉर्मूला नहीं है। बेहतर लीडर वही है, जो अपने प्रदर्शन के साथ अपनी टीम की सेहत और काम करने की क्षमता का भी ध्यान रखे।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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