How to Become Fitness Coach in BCCI: इंडियन क्रिकेट टीम का फिटनेस कोच कैसे बनें? जानिए जरूरी योग्यता, कोर्स, सर्टिफिकेशन, अनुभव, चयन प्रक्रिया और सैलरी। स्पोर्ट्स साइंस या स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग में करियर बनाने की इच्छा रखने वालों के लिए जरूरी गाइड।
क्रिकेट के मैदान पर खिलाड़ियों की फिटनेस और परफॉर्मेंस उतनी ही महत्वपूर्ण होती है जितनी उनकी बैटिंग और बॉलिंग। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंडियन क्रिकेट टीम के पीछे एक ऐसा व्यक्ति होता है, जो खिलाड़ियों की ताकत, स्टैमिना और चोट से बचाव का पूरा ध्यान रखता है? हम बात कर रहे हैं टीम के फिटनेस कोच की। और अगर आपका सपना भी यही है कि आप भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी को फिट और फुर्तीला बनाएं, तो जानिए कैसे।
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फिटनेस कोच बनने के लिए जरूरी योग्यता
सबसे पहले जरूरी है आपकी पढ़ाई। फिटनेस कोच बनने के लिए ग्रेजुएशन की डिग्री जरूरी है, खासकर फिजिकल एजुकेशन, स्पोर्ट्स साइंस या एक्सरसाइज साइंस में। कई लोग इसके बाद मास्टर डिग्री कर लेते हैं, जिससे उन्हें खेल और शरीर विज्ञान की गहरी समझ मिलती है। शरीर को समझना और उसकी क्षमता को बढ़ाना इस काम का सबसे अहम हिस्सा है। इसलिए जिस भी कोच को खिलाड़ी अपनी फिटनेस के लिए चुनते हैं, उसे स्पोर्ट्स साइंस और फिटनेस की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
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फिटनेस कोच बनने के लिए कोर्स और सर्टिफिकेशन
पढ़ाई के अलावा फिटनेस कोच बनने के लिए कुछ खास कोर्स और सर्टिफिकेशन करना बेहद जरूरी है। भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (NIS), पटियाला और नेशनल क्रिकेट अकादमी (NCA) में कई कोर्स उपलब्ध हैं, जिनमें स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसके अलावा, अगर आप इंटरनेशनल लेवल पर जाना चाहते हैं तो NSCA (USA) या ICC वर्कशॉप्स जैसे कोर्स भी आपकी प्रोफेशनल वैल्यू बढ़ा सकते हैं। इन कोर्सेज में आपको एथलीट की ट्रेनिंग, परर्फॉर्मेंस मॉनिटरिंग और रिकवरी तकनीक सीखने का मौका मिलता है।
शुरुआत में जूनियर टीम या क्लब टीम के साथ मिलता है काम
कोच बनने की असली सीख मैदान पर ही मिलती है। शुरुआत में आपको जूनियर टीम या क्लब टीम के साथ काम करना होता है। खिलाड़ी की ताकत, स्टैमिना और फिटनेस का आकलन करना सीखना पड़ता है। धीरे-धीरे अनुभव बढ़ता है और आप स्टेट लेवल, इंडिया A और फिर इंडियन क्रिकेट टीम तक का सफर तय कर सकते हैं। इस दौरान फिटनेस कोच को खिलाड़ी की डाइट, ट्रेनिंग प्रोग्राम और चोट से रिकवरी पर भी ध्यान देना होता है। यही वह काम है जो मैदान पर खिलाड़ी की परफॉर्मेंस और करियर को लंबा बनाता है।
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BCCI, NCA नेटवर्क और पहचान का रोल
क्रिकेट के बड़े मंच तक पहुंचने के लिए सिर्फ ज्ञान और अनुभव ही काफी नहीं, बल्कि सही नेटवर्क और पहचान भी जरूरी है। BCCI, NCA और स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के सेमिनार, वर्कशॉप्स और ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेने से आपका नाम और काम सामने आता है। इसी तरह धीरे-धीरे आप राष्ट्रीय टीम के फिटनेस कोच बनने की राह पर आगे बढ़ सकते हैं।
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इंडियन क्रिकेट टीम के फिटनेस कोच की सैलरी कितनी होती है?
इंडियन क्रिकेट टीम में फिटनेस कोच बनना सिर्फ सम्मान की बात नहीं, बल्कि कमाई के मामले में भी यह एक बड़ा पद है। Board of Control for Cricket in India (BCCI) के सपोर्ट स्टाफ में शामिल फिटनेस कोच की सालाना सैलरी आमतौर पर 1.5 करोड़ से 2 करोड़ रुपए तक बताई जाती है। यह रकम अनुभव, कॉन्ट्रैक्ट और प्रोफाइल के आधार पर बदल सकती है। तुलना करें तो भारत में एक सामान्य जिम या स्पोर्ट्स अकादमी का फिटनेस ट्रेनर करीब 3 से 6 लाख रुपए सालाना कमाता है। यानी टीम इंडिया का फिटनेस कोच बनते ही कमाई सीधे लाखों से करोड़ों में पहुंच जाती है। इतना ही नहीं, टीम के साथ विदेशी दौरे, हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग कैंप और इंटरनेशनल एक्सपोजर भी इस प्रोफाइल को और आकर्षक बनाते हैं।
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इंडियन क्रिकेट टीम का फिटनेस कोच बनना नहीं आसान
इंडियन क्रिकेट टीम का फिटनेस कोच बनना आसान नहीं, लेकिन असंभव भी नहीं है। इसके लिए चाहिए शिक्षा, सही कोर्स, मैदान का अनुभव और धैर्य। अगर आप इस दिशा में मेहनत करेंगे, तो एक दिन आप भी उन लोगों में से हो सकते हैं जो विराट कोहली, रोहित शर्मा या हर्षल पटेल को फिट और फुर्तीला बनाए रखे।
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