Toxic Work Culture: 17 लाख की नौकरी छोड़ी! 24 साल के युवक ने बताया कॉर्पोरेट का कड़वा सच

Published : Apr 16, 2026, 05:41 PM IST
Toxic Work Culture: 17 लाख की नौकरी छोड़ी! 24 साल के युवक ने बताया कॉर्पोरेट का कड़वा सच

सार

24 वर्षीय चिराग मदान ने टॉक्सिक वर्क कल्चर के कारण 17 लाख की बैंकिंग नौकरी छोड़ दी। लंबे काम के घंटे, अमानवीय दबाव और मुश्किल टारगेट्स की वजह से उन्होंने यह फैसला लिया। उनके इस कदम ने कॉर्पोरेट माहौल पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।

आज के दौर में एक शानदार नौकरी पाना हर नौजवान का सपना होता है। लेकिन सोचिए, अगर किसी को 17 लाख रुपये सालाना सैलरी वाली नौकरी मिले और वो उसे छोड़ दे? ऐसी ही एक कहानी 24 साल के चिराग मदान की है, जिसने अपनी हाई-प्रोफाइल बैंकिंग जॉब को अलविदा कह दिया। चिराग IIIT दिल्ली से ग्रेजुएट हैं। उनका यह फैसला सिर्फ एक इस्तीफा नहीं है, बल्कि दम घोंटने वाले कॉर्पोरेट वर्क कल्चर के खिलाफ एक कड़ा संदेश भी है।

चिराग ने बताया कि जब उन्होंने नौकरी शुरू की थी, तो उनका वर्किंग टाइम सुबह 9 से शाम 5 बजे तक था। लेकिन बहुत जल्द ही हालात बदल गए। काम के घंटे सुबह 9 से रात 7 बजे तक हो गए। हफ्ते में पांच दिन की जगह छह दिन काम करना पड़ रहा था। इस वजह से उन्हें आराम करने या अपने निजी कामों के लिए बिल्कुल भी वक्त नहीं मिल पा रहा था। इतनी अच्छी सैलरी के बावजूद चिराग को लग रहा था कि उनकी अपनी ज़िंदगी ही खत्म हो रही है।

चिराग ने अपने काम की जगह के कुछ अमानवीय तरीकों के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि लंच के लिए सिर्फ 10 से 15 मिनट का वक्त मिलता था। भारी वर्कलोड के कारण कर्मचारियों को उतने ही समय में खाना खत्म करके वापस काम पर लौटना पड़ता था। इससे भी ज़्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि बीमार होने पर भी छुट्टी लेना लगभग नामुमकिन था। बीमारी की छुट्टी के लिए मैनेजमेंट को लंबे-चौड़े सबूत और सफाइयां देनी पड़ती थीं, जिससे कर्मचारी मानसिक रूप से और परेशान हो जाते थे।

चिराग ने बैंकिंग सेक्टर के मुश्किल टारगेट्स का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों पर हर महीने 10 करोड़ रुपये तक की डील फाइनल करने का भारी दबाव होता था। जब कोई ये टारगेट पूरा नहीं कर पाता, तो उसे अपने सीनियर्स से काफी मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती थी। इसके अलावा, मैनेजमेंट ग्राहकों को गुमराह करके प्रोडक्ट्स बेचने के लिए भी बहुत दबाव डालता था। यह भी नौकरी छोड़ने की एक बड़ी वजह बना।

चिराग के इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। कई लोग उनके समर्थन में हैं, जिनका कहना है कि मोटी सैलरी से ज़्यादा ज़रूरी मन का सुकून और सेहत है। वहीं, कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या 17 लाख की नौकरी छोड़ना एक समझदारी भरा फैसला है? खैर, वजह जो भी हो, चिराग ने कॉर्पोरेट दुनिया के 'टॉक्सिक' माहौल पर खुलकर बोलने की जो हिम्मत दिखाई है, उसने आज हज़ारों युवाओं के बीच एक ज़रूरी बहस शुरू कर दी है।

PREV

सरकारी नौकरियों की नोटिफिकेशन, परीक्षा तिथियां, एडमिट कार्ड, रिज़ल्ट और कट-ऑफ अपडेट्स पाएं। करियर टिप्स, स्किल डेवलपमेंट और एग्ज़ाम गाइडेंस के लिए Career News in Hindi और सरकारी भर्ती से जुड़े ताज़ा अपडेट्स के लिए Sarkari Naukri सेक्शन देखें — नौकरी और करियर जानकारी भरोसेमंद तरीके से यहीं।

Read more Articles on

Recommended Stories

Nida Khan TCS Salary: कितनी होती है TCS में HR मैनेजर की सैलरी? जानिए निदा खान का पैकेज और रोल
NEET UG 2026: गूगल Gemini App पर फ्री NEET मॉक टेस्ट कैसे दें? जानें आसान तरीका