
नई दिल्ली. भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) के शैक्षणिक सत्र 2021-22 का सोमवार को ऑनलाइन माध्यम से शुभारंभ करते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पत्रकारिता एवं जनसंचार के विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे तथ्यों के आधार पर खबर बनाएं और अपनी रिपोर्टिंग से सकारात्मक और रचनात्मक संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मीडिया लोकतंत्र को सशक्त बनाता है। इस अवसर पर आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी सहित आईआईएमसी के सभी केंद्रों के संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
बिरला ने कहा कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और विचारों में लोकतंत्र है। विश्व में भारत का लोकतंत्र सबसे समृद्ध है। संविधान के सहारे भारतीय लोकतंत्र ने विकास और समृद्धि की यात्रा तय की है। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश स्वतंत्रता की हीरक जयंती मना रहा है। सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में व्यापक प्रगति हो रही है। पूरी दुनिया हमारी कर्मठता, नवाचार, संकल्प शक्ति और सामूहिक शक्ति से परिचित है। आजादी के आंदोलन के इतिहास की तरह आजादी के बाद की 75 वर्षों की यात्रा, भारतीयों के परिश्रम, इनोवेशन और उद्यमशीलता का प्रतिबिंब है।
इसे भी पढ़ें- UPSC 2020 : IPS बनने वाले अभिषेक सिंह ने क्यों कहा- मोटिवेशन से कुछ नहीं होगा, स्टूडेंट्स को दिया खास मंत्र
लोकसभा अध्यक्ष के अनुसार सामाजिक चेतना जागृत करने में मीडिया की बड़ी भूमिका है। मीडिया सरकार और राजनीतिक दलों की जवाबदेही तय करता है और शासन एवं प्रशासन तथा जनता के बीच द्विपक्षीय संवाद को सुगम बनाता है। आज पत्रकारिता का दायरा बढ़ता जा रहा है। लोगों तक मीडिया की पहुंच बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही पत्रकारों का दायित्व भी बढ़ा है। पत्रकार का दायित्व होता है कि वह निडर भी रहे और मुखर भी रहे।
बिरला ने कहा कि कोरोना महामारी के इस दौर में मीडिया की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों की जिंदगी बचाने में भी हम कामयाब हुए हैं, लेकिन हमें मीडिया और सोशल मीडिया के बीच के अंतर को समझना होगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया को भी जवाबदेह बनाने की आवश्यकता है। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ने आईआईएमसी के सभी विद्यार्थियों को संसद की कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित भी किया।
समस्याओं का समाधान दे रहे हैं युवा : प्रो. द्विवेदी
नवागत विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि भारत में मीडिया का प्रभाव पिछले दो दशकों में तेजी से बढ़ा है। मीडिया का इस्तेमाल और उपयोग करने वाले लोग भी बढ़े हैं। तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था के साथ चलते हुए मीडिया आज एक बड़े उद्योग में बदल गया है।
इसे भी पढ़ें- MPPSC: जानें इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा के बारे में सारी डिटेल्स, कब जारी होगा एडमिट कार्ड, कैसे पता चलेगा सेंटर
प्रो. द्विवेदी ने कहा कि देश में नई संभावनाओं के द्वार आपका इंतजार कर रहे हैं। आप समस्या का हिस्सा बनना चाहते हैं या फिर समाधान का, ये तय करना आपके हाथ में है। अगर आपकी नीयत साफ है और अपने कर्तव्य के प्रति आपकी निष्ठा है, तो आपका हर निर्णय किसी समस्या के समाधान की तरफ आपको ले जाएगा। प्रो. द्विवेदी के अनुसार सफलता और असफलता से हमारा वर्तमान और भविष्य तय नहीं होता है। जब तक भारत के युवाओं में नया करने का, रिस्क लेने का और आगे बढ़ने का जज्बा है, तब तक हमारे देश के भविष्य की चिंता करने की किसी को जरुरत नहीं है।
मीडिया ने दिलाई लोक संस्कृति को नई पहचान : मालिनी अवस्थी
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में प्रख्यात लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने 'लोक संस्कृति और मीडिया' विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा कि लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है, क्योंकि अखबारों ने लोक संस्कृति को बचाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि आज जो लोक संस्कृति, लोकगीत, लोकगाथाएं हमारे सामने प्रचलित हैं, वे हमारे पूर्वजों के अथक प्रयासों का परिणाम हैं। हमारे पुरखों ने कहीं परंपराओं के माध्यम से, तो कहीं लोकगीतों के रूप में इन्हें संजोए रखा है।
Education News: Read about the Latest Board Exam News, School & Colleges News, Admission news in hindi, Cut-off list news - Asianet Hindi