₹70 LPA MNC जॉब के बाद भी क्यों खुश नहीं है ये IIT ग्रेजुएट? वायरल ईमेल से उठे सवाल

Published : Jun 06, 2026, 11:08 AM IST
IIT Graduate Viral Story

सार

IIT Graduate Viral Story: क्या ₹70 LPA का पैकेज मिलने के बाद भी कोई इंसान खुश नहीं हो सकता? क्या IIT से पढ़कर MNC जॉब हासिल करने के बाद भी खालीपन महसूस हो सकता है? क्या सक्सेस और सैलरी हमेशा खुशी की गारंटी देती हैं? क्या वायरल हुआ यह ईमेल आज की करियर रेस की सच्चाई दिखाता है?

Viral Email Story IIT Student: आज के समय में लाखों युवा एक बड़े कॉरपोरेट पैकेज, MNC जॉब और हाई CTC को ड्रीम लाइफ मानते हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट ने इस सोच पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। फेमस कंटेंट क्रिएटर और इन्वेस्टर की इंटाग्राम पर शेयर एक कहानी में सामने आया है कि ₹70 लाख सालाना पैकेज मिलने के बाद भी एक युवा अपनी सक्सेस से खुश नहीं है। यह पोस्ट अब वर्क-लाइफ बैलेंस, करियर प्रेशर और मेंटल हेल्थ को लेकर नई बहस छेड़ रही है। जानिए पूरी डिटेल।

ड्रीम जॉब या रेस का जाल?

वायरल पोस्ट में एक IIT छात्र की कहानी दिखाई गई है, जिसने मेहनत करके MNC में इंटर्नशिप और फिर ₹70 LPA का PPO हासिल किया। बाहर से देखने पर यह किसी भी स्टूडेंट की सक्सेस स्टोरी लगती है। लेकिन असल में उसके मन में एक अलग ही संघर्ष चल रहा है, क्या यही जिंदगी का असली मकसद है? उसने ईमेल में लिखा कि वह हमेशा से टॉप करने और अच्छी नौकरी पाने की दौड़ में रहा, लेकिन अब उसे लग रहा है कि वह अपनी पसंद की जिंदगी नहीं जी रहा।

रेस कभी खत्म नहीं होती

पोस्ट के अनुसार, बड़ी सैलरी या बड़ा टाइटल मिलने के बाद भी रेस खत्म नहीं होती। हमेशा उससे बड़ी सैलरी, बेहतर पोस्ट और ज्यादा अपॉर्च्युनिटी सामने आती रहती है। यही वजह है कि कई लोग सक्सेस हासिल करने के बाद भी अंदर से खाली महसूस करते हैं। नीचे देखें इंस्टाग्राम पोस्ट-

 

 

जॉब को लाइफ फंड की तरह इस्तेमाल करो

पोस्ट में एक अलग दृष्टिकोण भी दिया गया है कि नौकरी को सिर्फ करियर नहीं, बल्कि लाइफ फंड की तरह देखा जाए। यानी शुरुआती कुछ सालों में आर्थिक सुरक्षा बनाकर बाद में अपने पैशन और लाइफ गोल्स पर फोकस किया जाए। इसमें सुझाव दिया गया है कि कमाई के साथ सेविंग और इन्वेस्टमेंट को प्राथमिकता दी जाए, ताकि भविष्य में फ्रीडम मिल सके।

वर्क-लाइफ बैलेंस बनाम कॉरपोरेट प्रेशर

यह कहानी आज के युवाओं के लिए बड़ा सवाल छोड़ती है कि क्या हाई सैलरी ही सफलता है या वह जिंदगी जिसे आप बिना दबाव के जी सकें? लगातार बढ़ती कॉरपोरेट रेस, मानसिक तनाव और बर्नआउट अब करियर का नया सच बनते जा रहे हैं। यह वायरल पोस्ट सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक सोचने पर मजबूर करने वाला संदेश है कि सफलता का मतलब हर किसी के लिए अलग हो सकता है और शायद असली जीत वही है जहां इंसान खुद को खो न दे।

PREV

सरकारी नौकरियों की नोटिफिकेशन, परीक्षा तिथियां, एडमिट कार्ड, रिज़ल्ट और कट-ऑफ अपडेट्स पाएं। करियर टिप्स, स्किल डेवलपमेंट और एग्ज़ाम गाइडेंस के लिए Career News in Hindi और सरकारी भर्ती से जुड़े ताज़ा अपडेट्स के लिए Sarkari Naukri सेक्शन देखें — नौकरी और करियर जानकारी भरोसेमंद तरीके से यहीं।

AT
About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
Read more Articles on

Recommended Stories

आखिर क्या है IIT रुड़की का वो सीक्रेट डिसीजन, जिसने रातों-रात बदल दिया हज़ारों का भविष्य?
Khan Sir Online Class: घर बैठे खान सर से पढ़ाई कैसे करें? जानें फुल प्रॉसेस