
JPMorgan Employee Harassment Case: अमेरिका के बड़े बैंक JPMorgan Chase (जेपीमॉर्गन चेज) पर उसके एक पूर्व कर्मचारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारी का कहना है कि गे होने और एलजीबीटीक्यू+ ग्रुप के लिए काम करने की वजह से उसके बॉस ने उसे परेशान किया। मामला इतना बढ़ गया कि आखिरकार उसे नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि, बैंक ने इन सभी आरोपों से साफ इनकार किया है।
मैनहट्टन की फेडरल कोर्ट में दायर शिकायत के मुताबिक, ब्रायन लार्सन JPMorgan के दो साल वाले Chase Associate Program में सीनियर एसोसिएट थे। वह बैंक के PRIDE Tri-State नाम के कर्मचारी ग्रुप से भी जुड़े थे, जो एलजीबीटीक्यू+ कर्मचारियों से जुड़े कार्यक्रम करता है। लार्सन का आरोप है कि जून 2022 में उनके बॉस पीटर बर्गमैन ने अचानक हुई जूम मीटिंग में Pride ग्रुप के लिए उनके काम पर सवाल उठाए। शिकायत के अनुसार, बॉस ने उनसे कहा कि अपना “गे जॉब” और “डे जॉब” अलग रखें। लार्सन ने पूछा कि क्या Pride ग्रुप के काम की वजह से उनकी बैंक वाली नौकरी प्रभावित हो रही है। उनका दावा है कि जवाब मिला कि अभी काम खराब नहीं हुआ है, लेकिन आगे ऐसा हो सकता है।
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लार्सन का कहना है कि वह बैंक की अपनी नौकरी के लिए हर हफ्ते करीब 60 से 70 घंटे काम करते थे। इसके अलावा वह Pride ग्रुप की जिम्मेदारियां भी संभाल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद उन्हें कुछ प्रोजेक्ट्स से हटा दिया गया और उनकी परफॉर्मेंस रेटिंग भी पहले के मुकाबले कम हो गई। अक्टूबर 2023 में करीब 40 डॉलर के उबर खर्च को लेकर भी उनसे सवाल-जवाब हुए। लार्सन के मुताबिक, ये खर्च Pride Month के कार्यक्रमों में जाने से जुड़े थे और उनके मैनेजर ने इन्हें बैंक के खाते में डालने की मंजूरी दी थी।
लार्सन का दावा है कि खर्च का मामला खत्म होने के कुछ दिन बाद HR ने उन्हें कहा कि या तो वह इस्तीफा दें या फिर उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा। शिकायत के मुताबिक, HR के एक कर्मचारी ने उनकी स्क्रीन देखते हुए इस्तीफे की प्रक्रिया पूरी करवाई। लार्सन ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले का उनकी सेहत पर भी बुरा असर पड़ा। शिकायत में पैनिक अटैक, डिप्रेशन, नींद की परेशानी, गंभीर चिंता और लगातार माइग्रेन जैसी दिक्कतों का जिक्र है।
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JPMorgan ने आरोपों को खारिज किया है। बैंक के प्रवक्ता ने कहा कि अंदरूनी जांच में लार्सन के आरोपों को साबित करने वाला कोई सबूत नहीं मिला। बैंक के मुताबिक, कई मैनेजरों ने उनके काम को लेकर चिंता जताई थी और उन्हें सुधार के लिए कोचिंग भी दी गई थी। फिलहाल यह मामला कोर्ट में है और लार्सन की ओर से लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।
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