
करियर डेस्क. मणिपुर की एक असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) इस समय काफी चर्चा में हैं। महिला एसपी थौनाओजम बृंदा लोगों के लिए मिसाल बनकर सामने आई हैं। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री वीरता अवॉर्ड को वापस कर दिया।
दरअसल, 2018 के ड्रग्स मामले में पर्याप्त सबूत न होने की वजह से कोर्ट ने गुरुवार को 7 आरोपियों को बरी कर दिया था। इसके बाद ही बृंदा ने इस काम के लिए पुरस्कार वापस कर दिया। सोशल मीडिया पर लोग उनके जज्बे को सैल्यूट कर रहे हैं।
27 करोड़ की ड्रग्स पर मारा था छापा
13 अगस्त 2018 बृंदा को बॉर्डर इलाकों में ड्रग्स से जुड़े मामलों की जांच में शानदार काम करने के लिए यह मेडल दिया गया था। बृंदा ने चंदेल में लुखाउसी जू को 20 जून 2018 को उनके आधिकारिक आवास पर 6 अन्य लोगों के साथ भारी मात्रा में ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था, तब वह भाजपा के सदस्य थे।
बरामद ड्रग्स की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 27 करोड़ रुपए आंकी गई थी। ये मामला काफी चर्चा में रहा था। महिला ASP रातो-रात स्टार बन गई थीं। अब आरोपियों के बरी होने पर उन्होंने कहा कि वे उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई, इसलिए वे खुद को इस सम्मान के लायक नहीं समझतीं।
मुख्यमंत्री को खत लिखा
उन्होंने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को लिखे खत में कोर्ट के आदेश को इसकी वजह बताया है। कोर्ट ने मामले में जांच को असंतोषजनक मानते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। मामले में भाजपा के पूर्व ADC चेयरमैन और 6 अन्य लोगों पर आरोप लगे थे।
खुद को सम्मान के लायक नहीं समझती
बृंदा ने खत में लिखा कि कोर्ट ने मामले में जांच असंतोषजनक माना है, इसलिए वह अपना पदक लौटा रही हैं। उन्होंने लिखा कि मुझे नैतिक रूप से यह महसूस हुआ है कि मैंने देश की क्रिमिनल जस्टिस डिलिवरी सिस्टम के मुताबिक अपनी ड्यूटी नहीं निभाई है। इसलिए मैं खुद को इस सम्मान के लायक नहीं समझती हूं और राज्य के होम डिपार्टमेंट को मेडल लौटा रही हूं, ताकि जो ईमानदार अफसर इस अवॉर्ड के लायक हो, उसे यह दिया जा सके।
स्पेशल कोर्ट ने सुनाया था फैसला
इससे पहले लामफेल की स्पेशल कोर्ट ने गुरुवार को भाजपा के ऑटोनोमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (ADC) के पूर्व अध्यक्ष लुखोशी जो और 6 अन्य लोगों को सभी आरोपों से बरी कर दिया था।
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