
NEET UG 2026 Re Exam FAQs for Medical Aspirants: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। National Testing Agency ने 3 मई को आयोजित नीट परीक्षा को पेपर लीक विवाद के बाद रद्द कर दिया है और अब पूरे देश में दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। हालांकि नई परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन NTA ने छात्रों की सबसे बड़ी चिंताओं, जैसे- फीस, फॉर्म, एडमिट कार्ड और सिलेबस पर स्थिति साफ कर दी है। जानिए NEET UG 2026 Re-Exam को लेकर मन में उठ रहे सभी सवालों के सटिक जवाब।
NTA ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। 3 मई वाली परीक्षा के लिए जो रजिस्ट्रेशन पहले से किया गया था, वही री-एग्जाम के लिए मान्य रहेगा। यानी नया आवेदन फॉर्म नहीं भरना होगा। दोबारा परीक्षा शहर चुनने की जरूरत नहीं। पहले से जमा डेटा स्वतः वैध रहेगा। फिलहाल एजेंसी ने यह भी संकेत दिया है कि परीक्षा केंद्र वही रह सकते हैं, हालांकि सुरक्षा कारणों से कुछ बदलाव बाद में घोषित किए जा सकते हैं।
NEET UG Exam 2026 कैंसिल के बाद सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या छात्रों को फिर से फीस देनी पड़ेगी? NTA ने इस पर राहत देते हुए कहा है कि री-एग्जाम के लिए छात्रों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही एजेंसी ने यह भी बताया कि पहले जमा की गई परीक्षा फीस वापस की जाएगी। हालांकि रिफंड कब और किस प्रक्रिया से मिलेगा, इसकी विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी। यह फैसला खासकर उन छात्रों और परिवारों के लिए राहत माना जा रहा है जो पहले ही कोचिंग, यात्रा और आवेदन खर्च के दबाव से गुजर रहे हैं।
NTA ने साफ कर दिया है कि 3 मई 2026 की परीक्षा के लिए जारी एडमिट कार्ड अब वैध नहीं होंगे। री-एग्जाम में बैठने के लिए छात्रों को नए एडमिट कार्ड डाउनलोड करने होंगे। एजेंसी परीक्षा से पहले नई तारीख, परीक्षा केंद्र और जरूरी निर्देशों के साथ फ्रेश एडमिट कार्ड जारी करेगी। इसलिए छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें।
इस पूरे विवाद के बीच एक राहत यह भी है कि परीक्षा का सिलेबस और पैटर्न नहीं बदलेगा। NTA के अनुसार फिजिक्स (Physics), कैमेस्ट्री (Chemistry) और बायोलॉजी (Biology) का वही पुराना सिलेबस लागू रहेगा। प्रश्नों की संख्या और परीक्षा अवधि समान रहेगी। मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। यानी छात्रों को अपनी तैयारी की दिशा बदलने की जरूरत नहीं है।
हालांकि सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा सख्त हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार-
जैसे कदम लागू किए जा सकते हैं।
पेपर लीक के आरोपों के बाद मामला तेजी से गंभीर हुआ। जांच एजेंसियों, खासकर राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, को एक कथित “गेस पेपर” मिला जो असली परीक्षा से बेहद मिलता-जुलता बताया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि करीब 120 प्रश्न वास्तविक पेपर से मेल खाते थे। इनमें लगभग 90 सवाल बायोलॉजी के और करीब 30 प्रश्न केमेस्ट्री के बताए जा रहे हैं। इसी के बाद परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठे और आखिरकार NTA ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।
केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (CBI) को जांच सौंपी है। एजेंसी अब यह पता लगाएगी कि पेपर लीक कैसे हुआ, गेस पेपर कहां से आया और इसके पीछे कौन-सा संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। फिलहाल विशेषज्ञ छात्रों को सलाह दे रहे हैं कि वे अफवाहों से दूर रहें और अपनी तैयारी को लगातार बनाए रखें। क्योंकि सिलेबस और परीक्षा पैटर्न नहीं बदला है, इसलिए अभी रणनीति बदलने के बजाय रिवीजन और टेस्ट प्रैक्टिस पर फोकस करना ज्यादा जरूरी होगा। NTA जल्द ही री-एग्जाम की नई तारीख जारी कर सकता है। ऐसे में आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन पर नजर बनाए रखना सबसे अहम होगा।
किसी भी जानकारी या मदद के लिए छात्र NTA हेल्पलाइन और ईमेल पर संपर्क कर सकते हैं:
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