
NEET UG Counselling 2026 Round 1 Seat Allotment Result: मेडिकल काउंसलिंग में सीट मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अब क्या करना है? अगर कॉलेज पसंद नहीं है तो क्या बिना नुकसान सीट छोड़ी जा सकती है? Upgrade चाहिए तो क्या करना होगा? Round 2 में सीट बदल गई तो पुरानी सीट वापस मिलेगी या नहीं? इन सभी सवालों के जवाब MCC की काउंसलिंग प्रक्रिया के नियमों में साफ हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि NEET UG Round 1 Seat Allotment के बाद उम्मीदवारों के पास कौन-कौन से विकल्प हैं।
NEET UG Counselling 2026 राउंड 1 सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 19 अगस्त 2026 को जारी होने वाला है। रिजल्ट आने के बाद उम्मीदवार अपने MCC UG Medical Counselling Portal पर जाकर देख सकेंगे कि उन्हें MBBS या BDS की कौन-सी सीट और कौन-सा कॉलेज मिला है। लेकिन सीट अलॉट होने के बाद सिर्फ रिजल्ट देखना ही काफी नहीं है। उम्मीदवार को यह तय करना होगा कि वह मिली हुई सीट स्वीकार करना चाहता है, राउंड 2 में बेहतर सीट के लिए अपग्रेड लेना चाहता है या राउंड 1 की सीट छोड़ना चाहता है।
नीट यूजी काउंसलिंग 2026 में शामिल कैंडिडेट्स के लिए फ्री एग्जिट और अपग्रेडेशन के नियम सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। अगर राउंड 1 में मिला कॉलेज या कोर्स आपकी पसंद के मुताबिक नहीं है और आप वहां एडमिशन नहीं लेना चाहते, तो राउंड 1 में Free Exit का फायदा लिया जा सकता है। इसके लिए उम्मीदवार को तय रिपोर्टिंग विंडो में कॉलेज में रिपोर्ट नहीं करना होगा। इस स्थिति में राउंड 1 की सीट छोड़ने पर सुरक्षा राशि यानी सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त नहीं होगी और उम्मीदवार राउंड 2 की काउंसलिंग के लिए भी पात्र रहेगा। यानी सिर्फ राउंड 1 की सीट पसंद नहीं आने पर उम्मीदवार को उस सीट पर जबरन एडमिशन लेने की जरूरत नहीं है। हालांकि, यह बात खास तौर पर याद रखें कि Free Exit का लाभ Round 1 तक सीमित है।
Round 2 में सीट मिलने के बाद नियम अलग हो जाते हैं। अगर उम्मीदवार को Round 2 में सीट अलॉट होती है और वह उस सीट पर ज्वाइन नहीं करता, तो exit with forfeiture की स्थिति बन सकती है। इसका मतलब है कि उम्मीदवार की सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त हो सकती है। इसलिए राउंड 1 में फ्री एग्जिट देखकर राउंड 2 में भी वही नियम लागू होने की उम्मीद न करें।
अगर उम्मीदवार राउंड 1 में मिली सीट से बेहतर कॉलेज चाहता है, तो उसे अपग्रेडेशन का विकल्प चुनना होगा। इसके लिए केवल राउंड 2 में नई च्वाइस भर देना पर्याप्त नहीं है। उम्मीदवार को राउंड 1 में मिली सीट पर निर्धारित समय के भीतर फिजिकल रिपोर्टिंग करनी होगी। एडमिशन की जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी, ऑरिजनल डॉक्यूमेंट्स जमा करने होंगे, ट्यूशन फीस देनी होगी और राउंड 2 के लिए अपनी अपग्रेडेशन के लिए सहमति देनी होगी। यानी अगर आपका लक्ष्य राउंड 2 में बेहतर सीट पाना है, तो राउंड 1 की अलॉटेड सीट को सुरक्षित रखने के लिए पहले वहां एडमिशन फॉर्मलिटीज पूरी करना जरूरी है।
NEET UG Counselling 2026 Round 2 Registration 24 अगस्त 2026 से शुरू होने वाला है। उम्मीदवार 24 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक फ्रेश च्वाइस भर सकेंगे। राउंड 2 में च्वाइस फिलिंग करते समय सबसे जरूरी बात यह है कि उम्मीदवार केवल उन्हीं कॉलेजों को प्रेफरेंस में रखें, जिन्हें वह Round 1 में मिले कॉलेज से ज्यादा पसंद करता है। उदाहरण के तौर पर, अगर राउंड 1 में कॉलेज A मिला है और उम्मीदवार कॉलेज B, C और D को A से बेहतर मानता है, तो राउंड 2 की प्रेफरेंस लिस्ट में उन्हीं बेहतर विकल्पों को रखना समझदारी होगी।
यहां उम्मीदवारों को सबसे ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। अगर राउंड 2 में आपको बेहतर सीट मिल जाती है, तो आपकी राउंड 1 की सीट अपने आप कैंसिल हो जाएगी। पुरानी सीट को बाद में वापस लेने का विकल्प नहीं रहेगा। वह सीट दूसरे उम्मीदवार के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी। राउंड 2 में अपग्रेड मिलने के बाद उम्मीदवार को नई अलॉटेड इंस्टीट्यूशन में रिपोर्ट करना होगा और वहां एडमिशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। साथ ही, राउंड 1 वाले कॉलेज से अपने ऑरिजनल डॉक्यूमेंट वापस लेने होंगे। इसलिए राउंड 2 में च्वाइस भरते समय सिर्फ वही कॉलेज चुनें जहां आप वास्तव में जाना चाहते हैं।
हां। अगर उम्मीदवार ने राउंड 1 की सीट पर एडमिशन फॉर्मलिटीज पूरी की हैं और राउंड 2 में उसे कोई अपग्रेड नहीं मिलता, तो उसकी राउंड 1 वाली सीट बनी रह सकती है। ऐसे उम्मीदवार को उसी कॉलेज में MBBS या BDS कोर्स जारी रखने का विकल्प मिलता है। इसका मतलब है कि अपग्रेड के लिए कोशिश करने से अपने आप राउंड 1 की सीट खत्म नहीं हो जाती। सीट तभी बदलती है जब राउंड 2 में नया अलॉटमेंट यानी अपग्रेड मिलता है और उम्मीदवार उस प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ता है।
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राउंड 1 की अलॉटेड सीट स्वीकार करने वाले उम्मीदवारों को 20 अगस्त से 25 अगस्त 2026 के बीच संबंधित कॉलेज में फिजिकल रिपोर्टिंग करनी होगी। रिपोर्टिंग के दौरान एडमिशन फॉर्मिलिटीज पूरी करने के साथ जरूरी डॉक्यूमेंट्स और फीस जमा करनी होगी। अपग्रेड की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों को इसी प्रक्रिया के दौरान अपग्रेडेशन के लिए अपनी ऑफिशियल सहमति भी देनी होगी।
फिजिकल रिपोर्टिंग के समय उम्मीदवारों को जरूरी ऑरिजनल दस्तावेज साथ रखने होंगे। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं-
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एमसीसी के राउंड 1 काउंसलिंग में 15% अखिल भारतीय कोटा (एआईक्यू) सीटों के साथ-साथ एम्स, जेआईपीएमईआर, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और डीम्ड विश्वविद्यालयों की 100% संबंधित सीटें शामिल हैं। इसलिए राउंड 1 का अलॉटमेंट रिजल्ट आने के बाद उम्मीदवार को अपने अलॉटेड कोर्स और संस्थान की जानकारी ध्यान से चेक करनी चाहिए।
रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवार एमसीसी यूजी मेडिकल काउंसलिंग पोर्टल पर जाकर अलॉटमेंट की जानकारी देख सकते हैं।
Round 1 का result आने के बाद उम्मीदवारों को तीन स्थितियों को अलग-अलग समझना चाहिए।
राउंड 2 में च्वाइस फिलिंग को सिर्फ औपचारिकता न समझें। उम्मीदवार को अपनी वास्तविक प्रेफरेंस के आधार पर च्वाइस भरनी चाहिए, क्योंकि अपग्रेड मिलने पर राउंड 1 की सीट वापस नहीं मिलती। इसलिए राउंड 2 में वही कॉलेज ऊपर रखें जिन्हें आप अपनी मौजूदा राउंड 1 सीट से बेहतर मानते हैं और जहां अपग्रेड मिलने पर वास्तव में एडमिशन लेना चाहते हैं।
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