
करियर डेस्क। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि किसी महिला थेरेपिस्ट को टीम से जोड़ा गया। नवनीता गौतम जानी-मानी महिला थेरेपिस्ट हैं, जो अब आईपीएल की फ्रेंचाइजी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से जुड़ कर मसाज थेरेपिस्ट के रूप में काम करेंगी। इस टीम के कप्तान विराट कोहली हैं। बता दें कि इस टीम को आइपीएल में अभी तक कोई खास उपलब्धि नहीं मिली है। नवनीता गौतम आइपीएल के 13वें सीजन में इस टीम के साथ काम करेंगी। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के चेयरमैन संजीव चूड़ीवाला ने कहा कि वे नवनीता के उनकी टीम से जुड़ने से काफी खुश हैं और उनसे उन्हें काफी उम्मीदें हैं। आरसीबी के मुख्य फिजियोथेरेपिस्ट इवान स्पीचली हैं। वहीं, स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच शंकर बसु हैं। नवनीता इनके साथ ही काम करेंगी। जानते हैं नवनीता गौतम का अब तक का पूरा करियर।
इंडिया नेशनल वुमन्स बास्केटबॉल टीम से जुड़ीं
जुलाई , 2017 से अगस्त 2017 तक दो महीने के लिए नवनीता इंडिया नेशनल वुमन्स बास्केटबॉल टीम की कनाडियन एथलेटिक थेरेपिस्ट सर्टिफिकेशन कैंडिडेट रहीं। इस दौरान उनके काम को काफी सराहना मिली। इसके पहले वैंकूवर, कनाडा में उन्होंने स्टूडेंट एथलेटिक थेरेपिस्ट के तौर पर काम किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों के ट्रीटमेंट और रिहैबिलेटेशन का काम हेड थेरेपिस्ट के सुपरविजन में सफलतापूर्वक किया। उनके काम की यहां काफी प्रशंसा हुई।
बास्केटबॉल कोच के रूप में किया काम
नवनीता ने साल 2008 से अगस्त 2016 तक कनाडा के स्ट्रैचकोना कम्युनिटी सेंटर में गर्ल्स प्लेयर्स के कोच का काम सफलतापूर्क निभाया। इस दौरन उन्हें कई अहम जिम्मेदारियां मिली हुई थीं, जिनमें टाइम मैनेजमेंट के साथ ऑर्गनाइजेशन, लीडरशिप और पेरेंट्स और प्लेयर्स के साथ कम्युनिकेशन भी शामिल था।
स्टूटेंड एथलेटिक थेरेपिस्ट इंटर्न रहीं
साल 2016 में नवनीता ने कनाडा की साइमन फ्रेजर यूनिवर्सिटी की बास्केटबॉल टीम में स्टूडेंट एथलेटिक थेरेपिस्ट इंटर्न के तौर पर काम करते हुए कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने रिहैबिलिटेशन के क्षेत्र में भी काम किया और टाइम मैनेंजमेंट के साथ प्लेयर्स को क्लिनिकल सहायता दिलवाने में भूमिका निभाई।
यूनिवर्सिटी ऑफ विक्टोरिया में रहीं थेरेपिस्ट
साल 2015 से 2016 तक वे कनाडा की विक्टोरिया यूनिवर्सिटी में एथलेटिक थेरेपिस्ट रहीं और फिजियोथेरेपी के अलावा एथलीट्स के केयर, ट्रीटमेंट और रिहैबिलेटेशन से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाती रहीं।
फीफा वुमन्स वर्ल्ड कप में रहीं फर्स्ट रिस्पॉन्डर
साल 1915 में नवनीता ने फीफा वुमन्स वर्ल्ड कप में फर्स्ट रिस्पॉन्डर की अहम भूमिका निभा कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। इसमें प्रैक्टिस सेशन के दौरान उन्होंने स्पोर्ट्स मेडिसिन डॉक्टर्स और थेरेपिस्ट के सहायक के रूप में काम किया और खिलाड़ियों की मदद के लिए हमेशा मुस्तैद रहीं।
कई टीमों में रहीं कोच और थेरेपिस्ट
साल 2008 से लेकर साल 2015 तक नवनीता कई बास्केटबॉल टीमों से बतौर कोच और थेरेपिस्ट जुड़ी रहीं। उन्होंने बच्चों और स्टूडेंट प्लेयर्स के साथ मिल कर खास तौर पर काम किया। उन्होंने वॉलन्टियर रिहैबिलिटेटिव असिस्टेंट और इवेंट को-ऑर्डिनेटर के रूप में भी काम किया। उन्होंने पेशेंट्स के लिए कई तरह की फन एक्टिविटीज भी करवाईं। वैंकूवर ईस्ट अंडर 15 रीजनल टीम की वह असिस्टेंट कोच रहीं। कहा जा सकता है कि उनका एक्सपीरियंस बतौर कोच और थेरेपिस्ट बहुत ज्यादा है।
कहां से हासिल की शिक्षा
नवनीता का जन्म 11 अप्रैल, 1992 को वैंकूवर, ब्रिटिश कोलम्बिया, कनाडा में हुआ। वैंकूवर में प्राइमरी एजुकेशन लेने के बाद उन्होंने सर चार्ल्स टपर सेकंडरी स्कूल से पढ़ाई की।उन्होंने कई बड़े संस्थानों से डिग्रियां लीं, जिनमें साइमन फ्रेजर यूनिवर्सिटी भी शामिल है। बैचलर ऑफ एथलेटिक एंड एक्सरसाइज थेरेपी का कोर्स उन्हेंने कैमसन कॉलेज, कनाडा से किया। आरसीबी को उम्मीद है कि इतनी अनुभवी थेरेपिस्ट को अपने साथ जोड़ने का उसे काफी फायदा मिल सकता है, वहीं प्रोफेशनल क्रिकेट से जुड़ कर नवनीता भी खुशी महसूस कर रही हैं और इसे उन्होंने एक चुनौती के रूप में लिया है।
[सभी फोटोज नवनीता के फैसबुक पेज से साभार ली गईं हैं।]
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