
Appraisal Hike Tips: मेल का इनबॉक्स खोला, HR की तरफ से अप्रेजल लेटर आया हुआ था। दिल की धड़कन तेज हो गई, 'चलो, इस बार अच्छी खासी हाइक मिलेगी।' लेटर खोला तो नंबर देखकर सन्न रह गए। पूरे साल की मेहनत, वीकेंड पर किया गया एक्स्ट्रा काम, बॉस की डेडलाइन पूरी करने के लिए रात-रातभर जागना, इन सबका बदला मिला सिर्फ इतने से परसेंट में? अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है, तो गुस्सा आना जायज है, लेकिन उस गुस्से में इस्तीफा देने की बजाय 3 ऐसे काउंटर हैक्स आजमाएं, जो आपको इस सिचुएशन से निकलने में मदद कर सकते हैं।
गुस्से में मैनेजर के केबिन में घुसकर बहस करना सबसे बड़ी गलती हो सकती है। इसकी बजाय एक हफ्ता रुकिए, दिमाग शांत कीजिए और फिर अपने काम का पूरा डेटा तैयार कीजिए। सालभर में आपने कौन से प्रोजेक्ट पूरे किए, उनका असर क्या रहा, हो सके तो नंबर के साथ बनाएं। कहां-कहां आपने एक्स्ट्रा जिम्मेदारी उठाई, जो आपके जॉब रोल में नहीं थी। टीम या कंपनी को आपकी वजह से क्या फायदा हुआ? जब आप मैनेजर से बात करने जाएं, तो 'मुझे कम हाइक क्यों मिली' पूछने की बजाय 'मेरा परफॉर्मेंस सालभर कैसा रहा, इस पर आपकी क्या राय है।' से शुरुआत करें। यह बातचीत डिफेंसिव नहीं, बल्कि प्रोफेशनल दिखेगी और मैनेजर भी खुलकर जवाब देगा।
बहुत से लोग सालों तक एक ही कंपनी में रहते हैं और उन्हें पता ही नहीं होता कि बाहर मार्केट में उनकी स्किल की क्या वैल्यू है। यही वजह है कि कम हाइक मिलने पर भी वो चुपचाप एडजस्ट कर लेते हैं। ऐसे में अपनी पोजीशन और एक्सपीरियंस के हिसाब से LinkedIn, Naukri जैसी वेबसाइट पर सैलरी बेंचमार्क चेक करें। अपने फील्ड के 2-3 लोगों से अन-ऑफिशियली बात करके अंदाजा लगाएं कि बाकी कंपनियों में सैलरी रेंज क्या चल रही है। अगर आपको पता चले कि मार्केट रेट आपकी मौजूदा सैलरी से काफी ज्यादा है, तो यह जानकारी नेगोशिएशन में आपका सबसे बड़ा हथियार बनेगी ध्यान रहे, यह जानकारी सिर्फ इस्तीफा देने के लिए नहीं है। यह आपको कॉन्फिडेंस देती है कि आप बातचीत में सही ग्राउंड पर खड़े हैं।
कई बार बेसिक हाइक कम दिखता है, लेकिन कंपनी दूसरी चीजों में एडजस्ट करने को तैयार होती है। मैनेजर से बात करते वक्त सिर्फ 'परसेंटेज बढ़ुाएं' कहने की बजाय कुछ अन्य ऑप्शन भी सामने रखें। जैसे- वर्क फ्रॉम होम के दिन बढ़वाना, अगली प्रमोशन साइकिल में जल्दी कंसीडर होने की बात करना, स्किल डेवलपमेंट के लिए कंपनी से कोर्स या सर्टिफिकेशन का खर्च दिलवाना और कोई नई जिम्मेदारी या बड़ा प्रोजेक्ट मांगना, जो अगली हाइक के लिए मजबूत ग्राउंड बना दे। कई बार कंपनी पैसे में तुरंत बढ़ोतरी नहीं दे पाती, लेकिन बाकी चीजों में एडजस्ट करने को तैयार रहती है। यह अप्रोच आपको तुरंत कुछ हासिल कराती है और आगे के लिए रास्ता भी बनाती है।
करियर एक्सपर्ट्स के अनुसार, 'हाइक कम मिलना टेंशन वाली बात जरूर है, लेकिन यह आपके करियर का आखिरी पड़ाव नहीं है। सही तरीके से, सही समय पर, डेटा के साथ बात रखी जाए तो कई बार रिजल्ट बदल भी सकता है और अगर बात न भी बने, तो कम से कम आपको साफ पता चल जाएगा कि आगे क्या फैसला लेना है, चाहे वो इसी कंपनी में रुककर मौका देना हो या नए ऑप्शन तलाशना। गुस्सा नेचुरल है, लेकिन उस गुस्से को स्ट्रैटेजी में बदलकर अपने करियर को आगे ले जा सकते हैं।'
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य सलाह पर आधारित है। हर कंपनी की पॉलिसी और सिचुएशन अलग होती है, इसलिए कोई भी बड़ा करियर फैसला लेने से पहले अपनी सिचुएशन के हिसाब से सोच-समझकर आगे बढ़ें। किसी करियर एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें।
सरकारी नौकरियों की नोटिफिकेशन, परीक्षा तिथियां, एडमिट कार्ड, रिज़ल्ट और कट-ऑफ अपडेट्स पाएं। करियर टिप्स, स्किल डेवलपमेंट और एग्ज़ाम गाइडेंस के लिए Career News in Hindi और सरकारी भर्ती से जुड़े ताज़ा अपडेट्स के लिए Sarkari Naukri सेक्शन देखें — नौकरी और करियर जानकारी भरोसेमंद तरीके से यहीं।