
करियर डेस्क. UP Board Exams 2021: उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षाएं अप्रैल में होनी तय हैं। इस बीच बोर्ड ने राज्य के 103 स्कूलों को एग्जाम सेंटर बनाने से मना कर दिया है। बोर्ड ने उन स्कूलों की सूची जारी की है, जिन्हें परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। इस सूची में प्रदेश भर के लगभग 103 स्कूल हैं, जिनका नाम वर्ष 2021 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए केंद्र बनाने प्रस्तावित किया गया था।
बोर्ड के मुताबिक परीक्षा में नकल रोकने के लिए ऐसा किया गया है। यूपी में बोर्ड परीक्षाओं में नकल के मामले बिहार से कम नहीं रहे हैं।
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44 जिलों के 103 स्कूल
जिन 103 स्कूलों की सूची जारी की गई है वह प्रदेश के 44 जिलों के हैं। सूची में सर्वाधिक स्कूल बलिया और मऊ से हैं यहां के 10-10 स्कूलों को परीक्षा केंद्र न बनाने के लिए चिन्हित किया गया है।
इसी तरह हाथरस और प्रयागराज के पांच, हरदोई के 6, अयोध्या के चार, एटा, मथुरा, वाराणसी, जौनपुर, आजमगढ़ तथा फतेहपुर के तीन-तीन, आगरा, सहारनपुर, लखीमपुर खीरी, देवरिया, संत कबीर नगर, बाराबंकी, बहराइच, लखनऊ, कानपुर देहात, फर्रूखाबाद, जालौन तथा झांसी के दो-दो विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने से मना किया गया है।
इसलिए नहीं बने परीक्षा केंद्र
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि बोर्ड परीक्षाओं के केंद्र बनाने के लिए जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में बनी समिति की रिपोर्ट के आधार पर इन स्कूलों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है। बोर्ड की ओर से पहली बार परीक्षा केंद्र न बनाने की यह सूची जारी की गई है।
पेपर लीक, नकल रोकने लिया गया फैसला
बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो विधानसभा में उठे एक सवाल के बाद पारदर्शिता बरतने के लिहाज से इस तरह की सूची जारी की गई है। इस सूची में न केवल केंद्रों के नाम दिए गए है, बल्कि केंद्र न बनाने के कारण भी स्पष्ट किए गए हैं। कारण परीक्षा में नकल, पेपर लीक और धांधली रोकने के लिहाज से ऐसा किया गया है।
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