
National Teacher Award 2026: बिहार की दो शिक्षिकाओं का चयन देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए हुआ है। इनमें बांका के बिदायडीह स्थित उर्दू प्राथमिक विद्यालय की प्रधान शिक्षिका खुशबू कुमारी भी शामिल हैं। 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के मौके पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू चयनित शिक्षकों को सम्मानित करेंगी। इस बार देशभर से कुल 48 शिक्षकों का चयन किया गया है। जानिए खुशबू कुमारी कौन हैं और उनका योगदान।
बांका जिले के कटोरिया प्रखंड के राधानगर की रहने वाली खुशबू कुमारी पिछले 13 वर्षों से अधिक समय से शिक्षण क्षेत्र से जुड़ी हैं। फिलहाल वह उर्दू प्राथमिक विद्यालय, बिदायडीह में प्रधान शिक्षिका के तौर पर काम कर रही हैं। इससे पहले करीब 11 साल तक उन्होंने कटोरिया प्रखंड के मध्य विद्यालय कठौन में टीईटी शिक्षिका के रूप में सेवाएं दीं। उनकी पहचान सिर्फ एक शिक्षक के रूप में नहीं, बल्कि रचनात्मक और बाल-केंद्रित शिक्षण के लिए बनी। उन्होंने बच्चों को किताबों और ब्लैकबोर्ड तक सीमित रखने के बजाय गीत, अभिनय, गतिविधियों और मनोरंजक शिक्षण सामग्री को पढ़ाई का हिस्सा बनाया। खासकर छोटे बच्चों को नाच-गाकर ककहरा सिखाने का उनका तरीका चर्चा में रहा है।
जब खुशबू कुमारी ने विद्यालय की जिम्मेदारी संभाली, तब स्कूल में बच्चों की उपस्थिति करीब 50 प्रतिशत थी। संसाधनों की कमी और स्थानीय स्तर की चुनौतियों के बीच उन्होंने स्कूल और अभिभावकों के बीच संवाद मजबूत करने पर जोर दिया। इसके लिए शिक्षकों, विद्यालय समिति और अभिभावकों को साथ लेकर नियमित माता-पिता शिक्षक संगोष्ठी यानी PTM शुरू की गई। लगातार संवाद का असर यह हुआ कि अभिभावकों की स्कूल में भागीदारी बढ़ी और बच्चों की उपस्थिति 90 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई। विद्यालय में बच्चों की नियमितता और अनुशासन को लेकर भी बदलाव देखने को मिला। जूते, टाई और बेल्ट जैसी स्कूल यूनिफॉर्म की जरूरी चीजों के मामले में भी अब 100 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति बताई गई है।
प्राथमिक कक्षाओं में सीखने को आसान और रोचक बनाने के लिए खुशबू ने एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग का इस्तेमाल किया। उनके क्लासरूम अध्यापन के वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहे हैं। इस नवाचार ने उन्हें स्थानीय स्तर से आगे राष्ट्रीय पहचान दिलाने में मदद की। उनका मानना है कि बच्चों के लिए पढ़ाई को बोझ बनाने के बजाय उसे आनंददायक अनुभव बनाया जाना चाहिए। राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयन के बाद उन्होंने इसे सिर्फ व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि स्कूल के बच्चों और बांका की शिक्षा व्यवस्था की उपलब्धि बताया है।
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राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 की जारी सूची में बिहार से दो नाम हैं-
दोनों शिक्षिकाओं को स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना गया है।
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शिक्षा मंत्रालय के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पोर्टल के अनुसार 2026 की चयन प्रक्रिया में स्वतंत्र राष्ट्रीय ज्यूरी की भूमिका रही। अंतिम चयन के बाद 48 शिक्षकों के नाम घोषित किए गए। पुरस्कार समारोह 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में होगा। चयनित शिक्षकों को प्रमाणपत्र, रजत पदक और 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
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