कौन हैं बिहार की खुशबू कुमारी? 50% से 90% पहुंचाई स्कूल की हाजिरी, अब राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

Published : Aug 22, 2026, 01:45 PM IST
Khushboo Kumari National Teacher Award 2026

सार

Khushboo Kumari National Teacher Award 2026: बांका की खुशबू कुमारी को 5 सितंबर को राष्ट्रपति से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलेगा। जानिए खुशबू कुमारी कौन हैं और कैसे बदली सरकारी स्कूल की तस्वीर?

National Teacher Award 2026: बिहार की दो शिक्षिकाओं का चयन देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए हुआ है। इनमें बांका के बिदायडीह स्थित उर्दू प्राथमिक विद्यालय की प्रधान शिक्षिका खुशबू कुमारी भी शामिल हैं। 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के मौके पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू चयनित शिक्षकों को सम्मानित करेंगी। इस बार देशभर से कुल 48 शिक्षकों का चयन किया गया है। जानिए खुशबू कुमारी कौन हैं और उनका योगदान।

कौन हैं खुशबू कुमारी और क्यों मिला राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार?

बांका जिले के कटोरिया प्रखंड के राधानगर की रहने वाली खुशबू कुमारी पिछले 13 वर्षों से अधिक समय से शिक्षण क्षेत्र से जुड़ी हैं। फिलहाल वह उर्दू प्राथमिक विद्यालय, बिदायडीह में प्रधान शिक्षिका के तौर पर काम कर रही हैं। इससे पहले करीब 11 साल तक उन्होंने कटोरिया प्रखंड के मध्य विद्यालय कठौन में टीईटी शिक्षिका के रूप में सेवाएं दीं। उनकी पहचान सिर्फ एक शिक्षक के रूप में नहीं, बल्कि रचनात्मक और बाल-केंद्रित शिक्षण के लिए बनी। उन्होंने बच्चों को किताबों और ब्लैकबोर्ड तक सीमित रखने के बजाय गीत, अभिनय, गतिविधियों और मनोरंजक शिक्षण सामग्री को पढ़ाई का हिस्सा बनाया। खासकर छोटे बच्चों को नाच-गाकर ककहरा सिखाने का उनका तरीका चर्चा में रहा है।

कैसे बदली बिदायडीह स्कूल की तस्वीर?

जब खुशबू कुमारी ने विद्यालय की जिम्मेदारी संभाली, तब स्कूल में बच्चों की उपस्थिति करीब 50 प्रतिशत थी। संसाधनों की कमी और स्थानीय स्तर की चुनौतियों के बीच उन्होंने स्कूल और अभिभावकों के बीच संवाद मजबूत करने पर जोर दिया। इसके लिए शिक्षकों, विद्यालय समिति और अभिभावकों को साथ लेकर नियमित माता-पिता शिक्षक संगोष्ठी यानी PTM शुरू की गई। लगातार संवाद का असर यह हुआ कि अभिभावकों की स्कूल में भागीदारी बढ़ी और बच्चों की उपस्थिति 90 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई। विद्यालय में बच्चों की नियमितता और अनुशासन को लेकर भी बदलाव देखने को मिला। जूते, टाई और बेल्ट जैसी स्कूल यूनिफॉर्म की जरूरी चीजों के मामले में भी अब 100 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति बताई गई है।

क्या है खुशबू कुमारी की पढ़ाने की खासियत?

प्राथमिक कक्षाओं में सीखने को आसान और रोचक बनाने के लिए खुशबू ने एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग का इस्तेमाल किया। उनके क्लासरूम अध्यापन के वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहे हैं। इस नवाचार ने उन्हें स्थानीय स्तर से आगे राष्ट्रीय पहचान दिलाने में मदद की। उनका मानना है कि बच्चों के लिए पढ़ाई को बोझ बनाने के बजाय उसे आनंददायक अनुभव बनाया जाना चाहिए। राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयन के बाद उन्होंने इसे सिर्फ व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि स्कूल के बच्चों और बांका की शिक्षा व्यवस्था की उपलब्धि बताया है।

ये भी पढ़ें- कौन हैं 2026 के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता? किस राज्य से कितने नाम, देखें पूरी लिस्ट

बिहार से किन दो शिक्षकों का हुआ चयन?

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 की जारी सूची में बिहार से दो नाम हैं-

  • खुशबू कुमारी- उर्दू प्राथमिक विद्यालय, बिदायडीह, बांका
  • पुष्पा प्रसाद- मिडिल स्कूल कुचायकोट कन्या, गोपालगंज

दोनों शिक्षिकाओं को स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना गया है।

ये भी पढ़ें- राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता टीचर्स को क्या मिलता है? मेडल से लेकर नकद इनाम तक जानिए सबकुछ

कब और कहां मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार?

शिक्षा मंत्रालय के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पोर्टल के अनुसार 2026 की चयन प्रक्रिया में स्वतंत्र राष्ट्रीय ज्यूरी की भूमिका रही। अंतिम चयन के बाद 48 शिक्षकों के नाम घोषित किए गए। पुरस्कार समारोह 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में होगा। चयनित शिक्षकों को प्रमाणपत्र, रजत पदक और 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

PREV

सरकारी नौकरियों की नोटिफिकेशन, परीक्षा तिथियां, एडमिट कार्ड, रिज़ल्ट और कट-ऑफ अपडेट्स पाएं। करियर टिप्स, स्किल डेवलपमेंट और एग्ज़ाम गाइडेंस के लिए Career News in Hindi और सरकारी भर्ती से जुड़े ताज़ा अपडेट्स के लिए Sarkari Naukri सेक्शन देखें — नौकरी और करियर जानकारी भरोसेमंद तरीके से यहीं।

AT
About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
Read more Articles on

Recommended Stories

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता टीचर्स को क्या मिलता है? मेडल से लेकर नकद इनाम तक जानिए सबकुछ
कौन हैं 2026 के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता? किस राज्य से कितने नाम, देखें पूरी लिस्ट