
नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में संक्रमितों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कोरोना से बचाव के लिए मास्क कारगर साबित रहा है। सरकारों के साथ डॉक्टर्स भी मास्क पहनने की सलाह दे रहे हैं। संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच देशभर में डबल मास्किंग (दो मास्क एक साथ लगाने की) बात हो रही है। डबल मास्किंग कोरोना संक्रमण से डलने में कितनी कारगर है इसे लेकर एक नई रिसर्च सामने आई है।
यूएनसी की रिसर्च के अनुसार, दोहरा फेस मास्क पहनने से सार्स-सीओवी-2 से संक्रमित बूंदों को छानने की क्षमता दोगुनी हो सकती है। जिससे उन्हें पहनने वालों के नाक और मुंह तक पहुंचने से रोकता है। डबल मास्किंग का सबसे अच्छा तरीका यह है कि जब दो लोग आपस में बातचीत कर रहे हों तो दोनों ने कैसा मास्क पहना है।
90 फीसदी कारगर है डबल मास्किंग
एक अन्य रिसर्च के अनुसार, अमेरिका के Centers for Disease Control and Prevention (CDC) ने मास्क को लेकर एक नया खुलासा किया है। CDC के वैज्ञानिकों के अनुसार, एक मास्क की जगह दो मास्क पहनना ज्यादा सही है। इसे डबल मास्किंग कहा जाता है। ये शरीर में जाने वाले संक्रमण के ड्रॉपलेट को रोकने में 90 प्रतिशत से भी ज्यादा कारगर है।
डबल मास्किंग के फायदे
रिसर्च के अनुसार, डबल मास्किंग के दो फायदे हैं। मास्क चेहरे पर बेहतर तरीके से फिट हो जाता है। डबल मास्किंग से आप खुद और दूसरों को भी संक्रमित होने से रोक सकते हैं। डबल मास्किंग से बाहर की हवा फिल्टर होकर नाक में जाती है। डबल मास्क में हवा 85.4 फीसदी तक फिल्टर हो जाता है।
किन चीजों पर करनी चाहिए डबल मास्किंग
भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों, पब्लिक ट्रासंपोर्ट, बाजार, अस्पताल या स्कूल में डबल मास्किंग जरूर करें। डबल मास्किंग कर सकते हैं।
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