15 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है स्वतंत्रता दिवस? इसके पीछे की पूरी कहानी जानिए

Published : Aug 12, 2026, 03:10 PM IST
Why is Independence Day celebrated on 15 August

सार

Why is Independence Day celebrated on 15 August: 15 अगस्त को ही भारत का स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाया जाता है? जानिए इस तारीख के पीछे की पूरी कहानी, माउंटबेटन के फैसले की खास वजह और इतिहास।

Why 15 August was Chosen as Independence Day: हर साल 15 अगस्त आते ही देश तिरंगे के रंग में रंग जाता है। लाल किले से प्रधानमंत्री का संबोधन होता है, स्कूलों में झंडारोहण और राष्ट्रगान की गूंज सुनाई देती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत का स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है? आखिर आजादी की तारीख तय करने के लिए इसी दिन को क्यों चुना गया? 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने के पीछे आजादी के संघर्ष के साथ-साथ ब्रिटिश सत्ता के आखिरी दिनों का एक दिलचस्प फैसला भी जुड़ा है। जानिए

पहले 15 अगस्त नहीं, 26 जनवरी था खास दिन

आजादी की तारीख समझने के लिए थोड़ा पीछे जाना होगा। 1929 में कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज को लक्ष्य बनाया गया और 26 जनवरी 1930 को पहली बार स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया गया। इसलिए आजादी से पहले 26 जनवरी का अपना अलग ऐतिहासिक महत्व था। बाद में इसी विरासत को याद करते हुए 26 जनवरी 1950 को भारत गणराज्य बना।

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ब्रिटेन ने पहले रखी थी 1948 की समयसीमा

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन के लिए भारत पर शासन करना लगातार मुश्किल होता जा रहा था। ब्रिटिश प्रधानमंत्री क्लेमेंट एटली ने फरवरी 1947 में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए जून 1948 की समय सीमा तय की थी। लेकिन भारत पहुंचने के बाद आखिरी वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन ने घटनाक्रम को तेजी से आगे बढ़ाया और सत्ता हस्तांतरण की तारीख पहले कर दी।

भारत की आजादी के लिए 15 अगस्त की तारीख चुनने के पीछे है खास वजह

यहीं इस कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा आता है। माउंटबेटन ने अगस्त या सितंबर 1947 के आसपास सत्ता हस्तांतरण की संभावना पर विचार किया था, लेकिन आखिरकार 15 अगस्त 1947 तय कर दी। इसके पीछे एक खास वजह थी। 15 अगस्त 1945 को जापान ने द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम दौर में मित्र राष्ट्रों के सामने आत्मसमर्पण की घोषणा की थी। माउंटबेटन उस समय दक्षिण-पूर्व एशिया में मित्र राष्ट्रों के कमांडर थे और जापान के आत्मसमर्पण से जुड़ी घटनाओं में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। बाद में उन्होंने खुद बताया कि 15 अगस्त चुनने की वजह जापान के आत्मसमर्पण की दूसरी वर्षगांठ थी।

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कानून ने तय कर दी आजादी की तारीख

ब्रिटिश संसद ने Indian Independence Act 1947 पारित किया। इस कानून के तहत भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र डोमिनियन बने और ब्रिटिश शासन का अंत हुआ। अधिनियम के मुताबिक सत्ता हस्तांतरण की तारीख 15 अगस्त 1947 निर्धारित थी। इस तरह 15 अगस्त सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख नहीं बनी। यह वह दिन बन गया जब करीब दो सदियों के ब्रिटिश शासन का औपचारिक अंत हुआ और भारत ने स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अपनी नई यात्रा शुरू की। यानी, भारत का 15 अगस्त वाला स्वतंत्रता दिवस एक तरफ लंबे स्वतंत्रता संग्राम की परिणति था, तो दूसरी तरफ 1947 के बेहद तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम और माउंटबेटन के फैसले का नतीजा भी।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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