
मुंबई. देश के प्रसिद्ध कवि और गीतकार कैफी आजमी की आज 101वीं जयंती है। उनका जन्म 14 जनवरी, 1919 को यूपी के आजमगढ़ में हुआ था। अपने गानों से लोगों को दीवाना बनाने वाले कैफी आजमी को गूगल ने शानदार डूडल बनाकर श्रद्धांजलि दी है। कैफी आजमी का असली नाम सैयद अतहर हुसैन रिजवी है। उन्होंने अपनी कविता 11 साल की उम्र में लिखी थी। कैफी आजमी 20वीं सदी की मशहूर कवियों में से एक थे।
उर्दू अखबार लिखने के लिए मुंबई आए
कैफी आजमी एक उर्दू अखबार में लिखने के लिए मुंबई आए। उनकी पहला कविता संग्रह 'झंकार' 1943 में प्रकाशित हुई थी। कैफी आजमी बाद में प्रोग्रेसिव राइटर्स एसोसिएसन के सदस्य बनें जिन्होंने लेखन का उपयोग सामाजिक आर्थिक सुधार करने के लिए किया। अपने काम के लिए कैफी आजमी को कई अवार्ड्स भी दिए गए, जिनमें 3 फिल्मफेयर अवार्ड, साहित्य और शिक्षा के लिए प्रतिष्ठित पद्म श्री पुरस्कार और साहित्य अकादमी फैलोशिप, भारत के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान में से एक मिले।
महिलाओं की समानता की बात कही
कैफी आजमी की प्रसिद्ध कविताओं में से एक 'औरत' थी। इसमें उन्होंने महिलाओं की समानता की बात कही थी। इस कविता को लेकर समाज में उन्हें बहुत प्रसिद्धी मिली। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं और परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न शैक्षिक संस्थाओं का समर्थन करने के लिए एक एनजीओ की भी स्थापना की। बता दें, कैफी आजमी बॉलीवुड की बेहतरीन एक्ट्रेस शबाना आजमी के पिता और जावेद अख्तर के ससुर हैं।
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