स्कूल में टीचरों ने ऐसी झाड़ी अंग्रेजी कि 12 साल की बच्ची डिप्रेशन में चली गई और फिर..

Published : Feb 27, 2020, 12:06 PM IST
स्कूल में टीचरों ने ऐसी झाड़ी अंग्रेजी कि 12 साल की बच्ची डिप्रेशन में चली गई और फिर..

सार

स्कूल में पढ़ाई के नाम पर सिर्फ 'नौकरी' करने वाले टीचरों के कारण 6th क्लास की छात्रा ने सुसाइड कर लिया। उसे टीचरों के पढ़ाने का तौर-तरीका समझ नहीं आता था। अंग्रेजी और गणित उसके लिए खौफ बन गया था।

बिलासपुर, छत्तीसगढ़. स्कूल में टीचरों की पढ़ाई के तरीके से परेशान होकर 6th क्लास की छात्रा डिप्रेशन में आ गई। वो इतना घबरा गई कि तालाब में कूदकर अपनी जान दे दी। बच्ची ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है। हिंदी और छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखे इस सुसाइड नोट में उसने इस बात का जिक्र किया है कि स्कूल में टीचर गणित भी अंग्रेजी में पढ़ाते हैं। वे क्लास में सिर्फ सवाल पढ़ाते हैं..बाकी घर से बनाकर लाने को कहते हैं। उससे यह नहीं हो पा रहा है।

23 फरवरी को घर से हुई थी गायब..
दीपिका मरावी कोटा थाना क्षेत्र के गांव नरौतीकापा की रहने वाली थी। दीपिका के पिता गोवर्धन ने बताया कि वो हसरत कान्वेंट स्कूल में पढ़ती थी। 23 फरवरी की शाम 5 बजे दीपिका बिन बताए घर से गायब हो गई थी। दो दिनों तक परिजन उसे तलाशते रहे। फिर 25 फरवरी को थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। इसी बीच बुधवार को दीपिका की लाश घर के पास ही तालाब में मिली।

सुसाइड नोट में लिखा
दीपिका ने घर में एक चिट्ठी छोड़ी थी। इसमें उसने लिखा कि वो स्कूल की पढ़ाई से घबराई हुई है। स्कूल में सिर्फ सवाल पढ़ाते हैं। मैडम बाकी घर से बनाकर लाने को कहती हैं। वो उत्तर नहीं बना सकती। क्योंकि घर में बताने या समझाने वाला कोई नहीं है। वो क्या करे? उसे न ढूंढा जाए।

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