खरीदी केंद्र पर बिना पैसे धानी की तुलाई नहीं करने से परेशान किसान को आया हार्ट अटैक

Published : Dec 09, 2020, 09:52 AM IST
खरीदी केंद्र पर बिना पैसे धानी की तुलाई नहीं करने से परेशान किसान को आया हार्ट अटैक

सार

किसान आंदोलन के बीच छत्तीसगढ़ में खरीदी केंद्र पर धान की तुलाई को लेकर परेशान एक किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। बताया जाता है कि 55 वर्षीय किसान ने जब पैसे देने से मना किया, तो उसके 23 कट्टा धान को खराब बताकर तौलने से मना कर दिया। यह सुनते ही किसान को मौके पर ही अटैक आ गया। इससे उसकी मौत हो गई। इससे पहले कोंडागांव में धान नहीं बिकने पर एक किसान से सुसाइड कर लिया था।

राजनांदगांव/कोंडागांव, छत्तीसगढ़. देश में जारी किसान आंदोलन के बीच छत्तीसगढ़ में किसानों की मौत से जुड़ीं दो चौंकाने वाली घटनाएं सामने आई हैं। दोनों मामले धान की खरीदी से जुड़े हैं। पहली तस्वीर राजनांदगांव में खरीदी केंद्र पर धान खरीदी के दौरान पैसे मांगे जाने से परेशान किसान को हार्ट अटैक आ गया। इससे उसकी मौत हो गई। दूसरी तस्वीर कोंडागांव की है। यहां एक किसान ने सुसाइड कर लिया। पढ़िए दोनों घटनाओं के बारे में...

खरीदी केंद्र पर ही आया हार्ट अटैक
समर्थन मूल्य पर इन दिनों धान की खरीदी चल रही है। यह मामला घुमका खरीदी केंद्र में धान बेचने पहुंचे गिधवा निवासी 55 वर्षीय करण पुत्र टिभन साहू की मौत से जुड़ा है। वे मंगलवार को धान बेचने गए थे। बताते हैं कि तुलाई के लिए किसानों से जबरिया वसूली की जाती है। जब किसान ने पैसे देने से मना कर दिया, तो उसका 23 कट्टा धान खराब बताकर तौलने से मना कर दिया गया। यह सुनकर किसान को वहीं हार्ट अटैक आ गया। यह देखकर हड़कंप मच गया। किसान ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मामला मंत्री अमरजीत भगत तक पहुंचा। कलेक्टर मामले की जांच कर रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि तौलने के 500 रुपए मांगे गए थे। परिजनों ने घुमका थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मृतक के पुत्र दीपक साहू ने बताया कि पहले धान को सही बताया, लेकिन बाद में उसे खराब बता दिया गया। 

किसान ने किया सुसाइड
कोंडागांव. यह मामला पिछले दिनों सामने आया था। कोंडागांव का रहने वाला किसान पूरा धान नहीं बिकने से परेशान था। बताते हैं कि किसान ने 100 क्विंटल धान बेचने की तैयारी की थी, लेकिन पटवारी की गलती से सरकारी रिकॉर्ड में रकबा घट जाने से केवल 11 क्विंटल धान बेचने का टोकन कटा था। इस बीच कलेक्टर ने कहा किसान के बेटे की मौत हो गई थी। इससे वो डिप्रेशन में था और नशा करने लगा था। परिजनों के मुताबिक, किसान पर कोऑपरेटिव बैंक का 61932 रुपए का कर्ज था। गांववाले किसान की आत्महत्या के पीछे कर्ज का दबाव और मात्र 11 क्विंटल धान बेचने के टोकन को कारण बता रहे हैं।

यह है पूरा मामला...
किसान की मौत के बाद जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के विपणन अधिकारी आरबी सिंह ने तकनीकी गड़बड़ी की जांच कराने के आदेश दिए हैं। शुरुआती जांच में सॉफ्टवेयर और गिरदावरी में गड़बड़ी के चलते जमीन का रकबा घटना सामने आया है। किसान धनीराम की पत्नी सुमित्रा ने बताया कि उनके पास 6.70 एकड़ की भूमि स्वामित्व पट्टा है। इसके अनुमान से उन्होंने 100 क्विंटल धान बेचने की तैयारी थी। फसल के लिए किसान ने कई और भी जगह से कर्ज ले रखा था। अब व्यापारी कर्ज वसूली के लिए परेशान करते थे। किसान के रिश्तेदार प्रेमलाल नेताम ने बताया कि वो धनीराम का टोकन कटाने गया था। मालूम चला कि वो सिर्फ 11 क्विंटल धान ही बेच पाएगा। यह जानकारी लगने के बाद से वो तनाव में आ गया था। किसान ने इस घटना के अगले दिन ही अपने खेत पर पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली।

कलेक्टर ने दिया तर्क
तहसीलदार के प्रतिवेदन के मुताबिक  धनीराम ने 2.713 हेक्टेयर भूमि पर धान बोया था। लेकिन पटवारी की गलती से यह  0.320 हेक्टेयर रह गया। इस मामले में अब पटवारी को निलंबित कर दिया गया है। तहसीलदार को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
 

PREV

छत्तीसगढ़ की सरकारी योजनाएं, शिक्षा-रोजगार अपडेट्स, नक्सल क्षेत्र समाचार और स्थानीय विकास रिपोर्ट्स पढ़ें। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर क्षेत्र की खबरों के लिए Chhattisgarh News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — सबसे विश्वसनीय राज्य कवरेज यहीं।

Recommended Stories

Weather Forecast 24 July 2026: दिल्ली से मुंबई तक बारिश, इन 7 राज्यों में कहीं गरजेंगे बादल तो कहीं तूफान का अलर्ट
Weather Update 23 July 2026: दिल्ली से मुंबई तक मौसम का बड़ा उलटफेर, 23 जुलाई को इन राज्यों में जमकर बरसेंगे बादल