जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर कोड़े बरसाने लगा यह शख्स, दर्द सहकर भी मुस्कुराते रहे सीएम, जानें पूरा मामला..

Published : Nov 05, 2021, 02:18 PM IST
जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर कोड़े बरसाने लगा यह शख्स, दर्द सहकर भी मुस्कुराते रहे सीएम, जानें पूरा मामला..

सार

सीएम गोवर्धन पूजा के लिए जंजगिरी गांव पहुंचे थे। यहां के एक ग्रामीण ने सीएम बघेल के हाथ पर कूस से बने सोटे से कई बार प्रहार किया। इस दौरान मुख्यमंत्री भी मुस्कुराते दिखे। उन्होंने सोटे मारने वाले शख्स को नमस्कार भी किया।

दुर्ग : छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने दिवाली (Diwali 2021) के दूसरे दिन एक परंपरा निभाते हुए सोटों की मार सही। सीएम गोवर्धन पूजा (govardhan puja 2021) के लिए दुर्ग (Durg) जिले के जंजगिरी गांव पहुंचे थे। यहां के एक ग्रामीण ने सीएम बघेल के हाथ पर कूस से बने सोटे से कई बार प्रहार किया। इस दौरान मुख्यमंत्री भी मुस्कुराते दिखे। उन्होंने सोटे मारने वाले शख्स को नमस्कार भी किया। इसके बाद सीएम ने गांव में पूजा की। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां मौजूद रहे। 

यह पुरानी परंपरा है
दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा होती है। गौरा गौरी की पूजा की जाती है। मुख्यमंत्री हर साल यह परंपरा निभाते हैं। इस बार कार्यक्रम में एक बैगा समुदाय के सदस्य ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हाथों पर 8 बार कोड़ेनुमा सोटे से वार किया। मान्यता है कि ऐसा करने से किसी भी तरह की समस्या दूर रहती है और खुशहाली आती है। प्रदेश की मंगल कामना और शुभ के लिए इस बार सीएम ने जंजगिरी में सोटा प्रहार सहने की परंपरा निभाई। ग्रामीण बताते हैं कि यह प्राचीन परंपरा है कि इस तरह सोटे का प्रहार विघ्नों का नाश करने वाला है। साथ ही सुख और समृद्धि लेकर आता है।

 

मुख्यमंत्री ने की मंगलकामना
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर ग्रामीणों से कहा कि हर साल भरोसा ठाकुर प्रहार करते थे। अब यह परंपरा उनके पुत्र बीरेंद्र ठाकुर निभा रहे हैं। ग्रामीणों से चर्चा में उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा गोवंश की समृद्धि की परंपरा की पूजा है, जितना समृद्ध गोवंश होगा उतनी ही हमारी तरक्की होगी। इसी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में गोवर्धन पूजा इतनी लोकप्रिय होती है। लोग साल भर इसका इंतजार करते हैं। एक तरह से यह पूजा गोवंश के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक भी है।

लक्ष्मी पूजन की रात गौरा-गौरी की स्थापना
छत्तीसगढ़ में परंपरा रही है कि लक्ष्मी पूजन की रात गौरा-गौरी की स्थापना होती है, जिसका आयोजन आदिवासी समाज द्वारा किया जाता है। इस मौके पर नाच-गाने का कार्यक्रम भी होता है और दूसरे दिन गोवर्धन पूजा गोठान दिवस को तौर पर मनाई जाती है। सालों से यह परंपरा आदिवासी समाज मनाते आ रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री समेत बड़े नेता भी इसमें शिरकत करते हैं।

इसे भी पढ़ें-PM Modi in Kedarnath: जानिए मोदी के 5 दौरों में क्या रहा खास और क्या मिलीं सौगातें

इसे भी पढ़ें-Kedarnath Dham:आस्था-विश्वास का अनूठा संगम है केदारनाथ धाम, पांडवों को मिला था शिव का आशीर्वाद, जानें मान्यता

PREV

छत्तीसगढ़ की सरकारी योजनाएं, शिक्षा-रोजगार अपडेट्स, नक्सल क्षेत्र समाचार और स्थानीय विकास रिपोर्ट्स पढ़ें। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर क्षेत्र की खबरों के लिए Chhattisgarh News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — सबसे विश्वसनीय राज्य कवरेज यहीं।

Recommended Stories

Chhattisgarh Assembly Session 2026: राज्यपाल रमेन डेका का विकसित छत्तीसगढ़ 2047 का रोडमैप, किसान-महिला-नक्सल उन्मूलन पर सरकार का बड़ा ऐलान
Chhattisgarh News: मनवा कुर्मी समाज महाअधिवेशन में CM विष्णु देव साय का संबोधन, विकास योजनाओं का जिक्र