
नई दिल्ली. वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से देश में पिछले करीब दो हफ्ते से लगातार नए मामले सामने आने की संख्या घट रही है। इससे विशेषज्ञों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या ये महामारी का पीक है? आंकड़े भले ही यह संकेत दे रहे हों, मगर विशेषज्ञ सतर्क रहने को जरूर कह रहे हैं। भारत में पिछले 24 घंटे में 74 हजार 442 नए मामले बढ़े, 76 हजार 674 लोगों को डिस्चार्ज किया गया और 903 मरीजों ने दम तोड़ दिया।
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कुल कोरोना मरीजों की संख्या 66 लाख 22 हजार 136 हो गई है। लेकिन राहत की बात है कि अब तक 55 लाख 83 हजार 414 लोग ठीक भी हो चुके हैं। 1 लाख 2 हजार 714 मरीजों की अब तक मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक मास्क के माध्यम से ही लोगों को अपना प्राथमिकता से बचाव करना चाहिए।
रिकवरी रेट भी लगातार बढ़ रहा
लेकिन, रोज सामने आने वाले नए मामलों का सात-दिन का औसत 16 सितंबर को 93,199 था, जो 1 अक्टूबर को घटकर 82,214 रह गया है। नए मामलों में इस तरह की गिरावट पहली बार सामने आई है। इसी तरह रिकवरी रेट भी बढ़कर 83.84% हो चुका है। इस समय 54.28 लाख लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं। वहीं, एक्टिव मामलों की संख्या भी सितंबर के 10 लाख से ज्यादा मामलों से घटकर 9.45 लाख के आसपास पहुंच चुकी है।
जुलाई 2021 तक देश के 25 करोड़ लोगों तक वैक्सीन पहुंचेगी : डॉ. हर्षवर्धन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार देश के हर एक नागरिक तक वैक्सीन पहुंचाने की तैयारियां कर रही है। इस पर एक हाई लेवल कमेटी काम कर रही है। उन्होंने कहा, सरकार का लक्ष्य है जुलाई 2021 तक 20-25 करोड़ भारतीयों तक कोविड-19 वैक्सीन पहुंचाई जा सके। हमारा फोकस है कि हम तब तक वैक्सीन की 40 से 50 करोड़ डोज हासिल कर सकें। इसकी प्लानिंग पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन तैयार होने के बाद, टीकाकरण का काम होगा। हेल्थ मिनिस्ट्री इसके लिए एक फॉर्म तैयार कर रही है। इसमें सभी स्टेट ऐसे लोगों की डिटेल्स देंगे, जिन्हें वैक्सीन की पहले जरूरत है। खासतौर पर कोविड-19 के मैनेजमेंट में लगे हेल्थ वर्कर्स, पुलिस स्टाफ आदि शामिल हैं। अक्टूबर तक इसकी प्लानिंग पर काम हो जाएगा। वैक्सीन के स्टोरेज के लिए स्टेट से कोल्ड चेन के अलावा वैक्सीन स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी जानकारी भी मांगी गई है।
पीक है क्या?
महामारी के दौर में पीक का मतलब है कि नए मामलों में स्थिरता आ गई है और गिरावट आ रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, जब कोई संक्रमण अनियंत्रित तरीके से बढ़ता है तो हर दिन पिछले दिन से ज्यादा केस आते हैं। मौतें भी बढ़ती जाती हैं।
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