फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मुंबई में पीएम मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने टाटा-एयरबस H-125 हेलिकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन किया। भारत-फ्रांस संबंधों को ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ तक अपग्रेड किया गया।

मुंबई। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मंगलवार 17 फरवरी को भारत पहुंचे। उन्होंने मुंबई में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान दोनों नेताओं ने मिलकर टाटा-एयरबस की H-125 हेलिकॉप्टर असेंबली लाइन का ऑनलाइन उद्घाटन किया। मुंबई में आयोजित ज्वॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा, भारत-फ्रांस मिलकर ऐसे हेलिकॉप्टर का निर्माण करेंगे, जो माउंट एवरेस्ट जैसी ऊंचाइयों तक उड़ान भर सकें। जानते हैं मोदी-मैक्रों के भाषण की 10 बड़ी बातें।

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1- भारत की हेलिकॉप्टर निर्माण क्षमता होगी मजबूत

यह प्रोजेक्ट भारत में हेलिकॉप्टर निर्माण क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे ‘मेक इन इंडिया’ को भी बढ़ावा मिलेगा और रक्षा व एविएशन सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी।

2- भारत-फ्रांस रिश्ते: ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’

प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस को भारत का खास साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के स्तर तक अपग्रेड करने का फैसला किया है। इस साझेदारी का मतलब है कि भारत और फ्रांस केवल व्यापार या रक्षा सौदों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि कई अहम क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे।

3- किन क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग?

‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के तहत दोनों देश सुरक्षा, उन्नत तकनीक, अंतरिक्ष कार्यक्रम, समुद्री सुरक्षा और बड़े वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाएंगे।

4- भारत एक भरोसेमंद साझेदार

राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि भारत एक भरोसेमंद साझेदार है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत पर पूरा भरोसा है, इसलिए फ्रांस भारत के साथ आधुनिक टेक्नोलॉजी शेयर करने में विश्वास रखता है। इस यात्रा को भारत-फ्रांस संबंधों को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

5- हर तरह के आतंकवाद से निपटने भारत-फ्रांस तैयार

पीएम मोदी बोले, भारत-फ्रांस दोनों देशों का मानना है कि ग्लोबल इंस्टिट्यूशंस में सुधार बहुत जरूरी है, तभी दुनिया की बड़ी समस्याओं का हल निकाला जा सकेगा। मोदी ने कहा, यूक्रेन हो, पश्चिम एशिया हो या इंडो-पैसिफिक रीजन, हर जगह शांति के प्रयासों का भारत और फ्रांस समर्थन करते रहेंगे। दोनों देश हर तरह के आतंकवाद से निपटने के लिए भी पूरी तरह साथ हैं।