राख समेटने कंगारू पहुंचे इंग्लैंड, जानें 137 साल पहले का वो वाकया, जिसके बाद सीरीज का नाम पड़ा एशेज

Published : Aug 01, 2019, 02:29 PM ISTUpdated : Aug 01, 2019, 02:36 PM IST
राख समेटने कंगारू पहुंचे इंग्लैंड, जानें 137 साल पहले का वो वाकया, जिसके बाद सीरीज का नाम पड़ा एशेज

सार

एशेज टेस्ट सीरीज का आगाज गुरूवार यानि 1 अगस्त से होगा। क्रिकेट की दुनिया के सबसे पुराने प्रतिद्वंदी इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया आमने- सामने होंगे। इस सिलसिले में हम आपको एशेज से जुड़े कुछ फैक्ट्स बता रहे हैं।   

लंदन. एशेज टेस्ट सीरीज का आगाज गुरूवार यानि 1 अगस्त से होगा। क्रिकेट की दुनिया के सबसे पुराने प्रतिद्वंदी इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया आमने- सामने होंगे। इस सिलसिले में हम आपको एशेज से जुड़े कुछ फैक्ट्स बता रहे हैं। 


कैसे पड़ा सीरीज का नाम एशेज

एशेज का मतलब होता है राख। ये शब्द तब चर्चा में आया जब इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया ने पहली बार हराया था। 1882 में  21 अगस्त को लंदन के ओवल ग्राउंड पर इंग्लैंड को अपने ही देश में हार का सामना करना पड़ा था। उस वक्त इंग्लैंड क्रिकेट की दुनिया में टॉप की टीम थी। इस हार के बाद इंग्लैंड के लोगों में काफी गुस्सा था। जिस पर संडे टाइम्स ने एक शौक संदेश जारी किया। उसमें अखबार ने इसे क्रिकेट का निधन बताया। जिसमें लिखा गया, कि इंग्लैंड की बॉडी जला दी जाएगी, और उसे ऑस्ट्रेलिया भेज दिया जाएगा। 

इसके बाद इंग्लैंड की टीम दो महीने बाद ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज खेलने गई। उस समय इंग्लैंड के कप्तान होन इवो (Hon Ivo Bligh) थे। उन्होंने वादा किया कि वह इंग्लैंड से एशेज के साथ वापस लौटेंगे। वहीं उस समय ऑस्ट्रेलिया के कप्तान ने कहा- वो इंग्लैंड की राख अपने पास रखने की पूरी कोशिश करेंगे। जिसके बाद अबतक दोनों देशों के बीच यह प्रतिस्पर्धा चल रही है। 

पहली हार के बाद से लगातार आठ सीरीज इंग्लैंड ने जीती
1882 में जब इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया से हार गया था, उसके बाद इंग्लैंड की टीम के लिए यह प्रतिष्ठा का सवाल बन गया। इंग्लैंड ने लगातार आठ सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को हराया।  ऑस्ट्रेलिया ने  1891 में रिकॉर्ड जीत दर्ज करते हुए इंग्लैंड को 3-2 से हराया। 


बॉडीलाइन सीरीज ने बदला सबकुछ
दरअसल, 1932-33 के टूर का नाम बॉडीलाइन सीरीज रखा गया। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज क्रिकेटर के खेल को रोकने के लिए इंग्लैंड के गेंदबाजों ने बल्लेबाजों के शरीर पर तेज गेंदे डाली और सारे खिलाड़ी लेग साइड ही रखे। इस नीति से इंग्लैंड सीरीज जीतने में कामयाब हुई। लेकिन सीरीज के कारण क्रिकेट में कई बदलाव कर दिए गए।

70 बार हो चुकी है सीरीज

वर्तमान में एशेज अर्न ऑस्ट्रेलिया के कब्जे में है। 2017 ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 4-0 से हराया था और 'एशेज अर्न' अपने पास रखा था। ऑस्ट्रेलिया ने 33 तो इंग्लैंड ने 32 बार एशेज पर कब्जा जमाया है। अबतक 346 मैच खेले गए हैं। जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने 144 और इंग्लैंड ने 108  मैच जीते हैं। वहीं अबतक 94 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे हैं। अर्न को हिंदी में कलश कहते हैं। 'एशेज अर्न' के अंदर स्टंप वेल्स की राख रखी गई है। इस बार एशेज के साथ आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप भी शुरू हो रही है। जिसका फाइनल मुकाबला 2021 में 10 से 14 जून तक खेला जाएगा। 
 

PREV

Recommended Stories

Harmanpreet Kaur Captaincy: हरमनप्रीत ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ी, ऐसा रहा उनका शानदार रिकॉर्ड
IND vs WI T20 Series: अभिषेक से वैभव तक, इन 5 खिलाड़ियों पर रहेगी सबकी नजर