
नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर शनिवार को मतदान है। सुरक्षा इंतजाम कड़े करने के साथ ही शाहीन बाग तथा अन्य संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। दिल्ली में 1.47 करोड़ मतदाता है। इस चुनावी मुकाबले में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी, भाजपा तथा कांग्रेस प्रमुख रूप से मैदान में हैं।
शाहीन बाग के पांच मतदान केंद्र संवेदनशील
चुनाव अधिकारियों ने कहा कि शाहीन बाग में चल रहे संशोधित नागरिकता कानून सीएए विरोधी प्रदर्शनों के मद्देनजर दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने क्षेत्र के तहत पड़ने वाले सभी पांच मतदान केंद्रों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा है और मतदाताओं में विश्वास भरने के लिए लगातार कदम उठाये जा रहे हैं।
18 से 19 साल के 2,32,815 मतदाता
दिल्ली चुनाव में 1,47,86,382 लोगों को मतदान का अधिकार है जिनमें से 2,32,815 मतदाता 18 से 19 साल के आयु वर्ग के हैं। चुनाव के लिए तीन सप्ताह से अधिक समय तक चला तूफानी प्रचार गुरूवार को शाम छह बजे थम गया।
70 सीटों पर 672 उम्मीदवार
दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए 672 उम्मीदवार मैदान में हैं। विशेष पुलिस आयुक्त (आसूचना) प्रवीर रंजन ने बताया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 190 कंपनियों को सुरक्षा कारणों से तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि जहां तक संवेदनशील मतदान केंद्रों की बात है तो 516 जगहों पर 3704 बूथ इस श्रेणी में आते हैं।
11 जिलों में पर्ची नहीं लाने पर क्यूआर कोड से मतदान
इस बार चुनाव में मोबाइल एप्प, क्यूआर कोड, सोशल मीडिया इंटरफेस जैसी तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। दिल्ली के 11 जिलों की एक-एक विधानसभा सीट चुनी गयी हैं जिन पर मतदाता मतदान पर्ची बूथ पर नहीं लाने की स्थिति में स्मार्टफोन के जरिये हेल्पलाइन एप्प से क्यूआर कोड प्राप्त कर सकता है। इनमें सुल्तानपुर माजरा, सीलमपुर, बल्लीमारान, बिजवासन, त्रिलोकपुरी, शकूर बस्ती, नई दिल्ली, रोहतास नगर, छतरपुर, राजौरी गार्डन और जंगपुरा हैं।
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