
Madgaon Election Results 2022:
मडगांव सीट से जुड़ी खास बात
गोवा विधानसभा चुनाव में मडगांव विधानसभा सीट के नतीजों पर हर किसी की नजर टिकी है। क्योंकि यहां से कांग्रेस के दिग्गज और पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत चुनावी मैदान में हैं। इस बार उनको कड़ी टक्कर मिल रही है। दिगंबर कामत 7 बार से विधायक हैं। ये सीट कांग्रेस का अभेद्य किला मानी जाती है। दिगंबर कामत के सामने भाजपा के मनोहर अजगांवकर और आम आदमी पार्टी (AAP) के लिक्वॉइन वज और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महेश अमोनकर चुनौती दे रहे हैं। इस सीट पर चतुष्कोणीय मुकाबले के आसार हैं।
दिगंबर कामत के नाम रिकॉर्ड है कि वह 35 साल से लगातार विधायक हैं। अब तक कोई चुनाव नहीं हारे। सात बार चुनाव जीतने के बाद 8वीं बार वह मडगांव से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। कामत ने कांग्रेस से राजनीति शुरू की। भाजपा में भी लंबे वक्त तक रहे। बाद में फिर कांग्रेसी हो गए। 2007 से 2012 तक कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री रहे और अभी नेता प्रतिपक्ष हैं।
बीजेपी ने यहां अपने बहुजन समाज के लीडर मनोहर बाबू अजगांवकर को मैदान में उतारा है। बाबू 2017 में पेरनेम सीट से चुनाव लड़े और जीतकर आए। अभी मौजूदा विधायक हैं, लेकिन इस बार उनकी सीट बदल दी गई। इसके पीछे कारण बताया जा रहा है कि मडगांव में प्रवासी मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है और बाबू की उनके बीच पकड़ है। इस सीट से जुड़ा एक और रिकॉर्ड रहा है कि आज तक यहां से कभी बहुजन समाज का नेता चुनाव नहीं जीता है।
कामत के दो पुराने सहयोगी बढ़ा रहे हैं मुश्किलें
टीएमसी ने महेश अमूनकर को उम्मीदवार बनाया है जो पहले दिगंबर कामत के ही साथ थे। इसके अलावा, कामत के दूसरे पुराने सहयोगी महेश अमोनकर टीएमसी से मैदान में हैं। इससे इस बात की संभावना ज्यादा हो गई है कि कामत के वोटों में सेंध लगेगी और मुकाबला मुश्किलें बढ़ाएगा।
2017 में 4 हजार से ज्यादा वोटों से जीते थे कामत
मडगांव में करीब 30 हजार वोटर हैं। पिछले चुनाव में दिगंबर कामत को 12 हजार से ज्यादा वोट मिले थे। तब बीजेपी उम्मीदवार को करीब 7,900 वोट मिले थे।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.