
अहमदाबाद(Gujrat). विधानसभा के चुनाव की घोषणा होते ही भारतीय जनता पार्टी ने प्रत्याशियों के चयन की कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा को गुजरात चुनाव में विजयी बनाने की जिम्मेदारी अमित शाह को सौंपी है। आतंरिक गुटबाजी के अतिरिक्त पाटिल के एकात्मक शासन से नाराज अमित शाह ने गुजरात चुनाव की कमान खुद ले ली है। तीन दिनों के मंथन के बाद बीजेपी ने 182 सीटों का पैनल तैयार कर लिया है। सोमवार को दिल्ली में आयोजित संसदीय बोर्ड की बैठक में इस पर मंजूरी के बाद 10 नवंबर के बाद प्रत्याशियों की सूची जारी की जायेगी।
भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों की चयन प्रक्रिया में अहमदाबाद की सीटों के लिए उम्मीदवारों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई हैं। एक-दो सीटों के अतिरिक्त अन्य के लिए 30 से 35 लोगों ने चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की हैं। इस बार भी राज्य में भाजपा शासन की संभावना के मद्देनजर शाह और आनंदीबेन के समर्थक उम्मीदवारों के बीच कशमकश जारी है। इस बार की चयन प्रक्रिया में शाह गुट का हाथ ऊपर रहेगा। हालांकि आनंदीबेन गुट ने दिल्ली तक लाबिंग शुरू की है।
शाह गुट के समर्थकों को टिकट मिलना लगभग तय
ऐसा दावा भी किया जा रहा है कि अहमदाबाद शहर की सीटों से शाह गुट के उम्मीदवारों को टिकट मिलना निश्चित है। इसलिए उनके रिपीट होने की संभावना है। पूर्व गृहमंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा भी शाह गुट के माने जाते हैं। इसके मद्देनजर वटवा निर्वाचन क्षेत्र से उनका टिकट मिलना निश्चित माना जा रहा हैं। निकोल निर्वाचन क्षेत्र से उद्योगमंत्री जगदीश पंचाल शाह गुट के समर्थक होने से उन्हें चुनाव मैदान में उतारना निश्चित माना जा रहा है। वहीं वेजलपुर निर्वाचन क्षेत्र से स्थायी समिति के चेयरमैन हितेश बारोट अथवा युवा नेता प्रदीपसिंह वाघेला को मौका मिल सकता है। ये दोनों शाह गुट के माने जाते हैं।
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