
शिमला(Himachal Pradesh). बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के चुनावी घोषणा पत्र में महिलाओं और धर्म से जुड़े मुद्दे मुख्य रूप से शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश की आबादी में तकरीबन 49 फीसदी महिलाएं हैं। इस बार सभी दलों का केंद्र महिला वोटर्स ही हैं। इसलिए कांग्रेस और बीजेपी के चुनावी घोषणा पत्र का केंद्र महिलाएं ही हैं। कांग्रेस ने जहां अपने घोषणा पत्र में हर घर लक्ष्मी और नारी सम्मान निधि जैसी योजनाओं का जिक्र किया वहीं बीजेपी ने भी महिलाओं को समर्पित घोषणा पत्र पेश किया।
भाजपा के महिला घोषणा पत्र में स्कूली बच्चों के लिए साइकिल, कॉलेज के छात्रों के लिए स्कूटर और बेहतर 'शगुन' का वादा किया गया है, जिसमें कम आय वाले परिवारों की लड़कियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता शामिल है। बीजेपी के घोषणा पत्र में शामिल स्त्री शक्ति संकल्प भी सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करता है।
महिलाओं के लिए चल रही वर्तमान योजना भी होगी मजबूत
बीजेपी के घोषणा पत्र के मुताबिक सूबे में चल रही मुख्यमंत्री शगुन योजना' के तहत महिला उद्यमियों को ब्याज मुक्त ऋण के लिए 500 करोड़ रुपये का कोष स्थापित किया जाएगा, और कम आय वाले परिवारों की लड़कियों की शादी के लिए वित्तीय सहायता 31,000 रुपये से बढ़ाकर 51,000 रुपये की जाएगी। .
धर्म पर दोनों दलों का विशेष फोकस
धर्म दोनों पार्टियों के घोषणा पत्र का एक अन्य केंद्र बिंदु है। इसमें बीजेपी ने नई दिल्ली, जयपुर, चंडीगढ़, मेरठ और मथुरा से 45 विशेष बसों को लॉन्च करके प्रमुख मंदिरों और शक्ति पीठों को जोड़ने वाले हिम तीरथ सर्किट का वादा किया है। पहली बार कांग्रेस ने 'देवस्थान और तीर्थ यात्रा' (मंदिर और तीर्थयात्रा) पर अपने घोषणापत्र में विशेष तौर पर शामिल किया है। कांग्रेस के घोषणापत्र में बुजुर्गों को एक अटेंडेंट के साथ पसंद के तीर्थस्थल के लिए मुफ्त तीर्थयात्रा करवाने और राज्य के मंदिरों में वार्षिक योगदान को दोगुना करने और मंदिर के पुजारियों को दोगुना वेतन देने का वादा किया।
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