
शिमला। Himachal Pradesh Assembly Election 2022: हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ऐन वक्त पर महेश्वर सिंह का टिकट काट दिया था। इससे सिर्फ महेश्वर सिंह नाराज नहीं हुए बल्कि, राम सिंह भी नाराज हो गए। राम सिंह वहीं हैं, जिन्होंने कुल्लू विधानसभा सीट से निर्दलीय पर्चा भरकर भाजपा के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। राम सिंह पहले भाजपा में थे, मगर अब वे बागी हो गए हैं।
राम सिंह ने शनिवार, 5 नवंबर को खराहलल घाटी में चुनाव प्रचार किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने महेश्वर सिंह को उम्मीदवार नहीं बनाया, इसलिए मुझे चुनाव में उतरना पड़ा। अगर भाजपा ने महेश्वर सिंह को मैदान में उतारा होता, तो मैं चुनाव नहीं लड़ता और 29 अक्टूबर को नाम वापसी वाले दिन ही अपना नाम वापस ले लेता। राम सिंह के मुताबिक, मुझे 25 अक्टूबर को ही पता चल गया था कि भाजपा महेश्वर सिंह को इस बार चुनाव में नहीं उतारेगी और इसी लिए मैंने उसी दिन पर्चा दाखिल कर दिया।
पार्टी ने मेरे साथ भी समझौता तोड़ा था
राम सिंह के अनुसार, महेश्वर सिंह ने भाजपा को अपने जीवन के करीब 45 साल दिए हैं। वे पार्टी में काफी वरिष्ठ हैं। मगर आलाकमान ने उनके साथ सौतेला व्यवहार किया और टिकट वापस ले लिया। पार्टी ने मेरे साथ भी ऐसा ही किया था। 2017 के चुनाव में भाजपा ने मेरे साथ एक समझौता किया और उसे तोड़ दिया। इस बारे में कुल्लू की जनता भी जानती है।
ऐन वक्त पर मना कर दिया था पार्टी ने
कुल्लू विधानसभा सीट से महेश्वर सिंह को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया था, मगर नामांकन से ठीक पहले उन्हें चुनाव नहीं लड़ने को कहा गया और टिकट काट कर नरोत्तम ठाकुर को दे दिया गया। कुल्लू से तीन बार सांसद और एक बार विधायक रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता महेश्वर सिंह अड़ गए कि उन्हें चुनाव लड़ना ही है। उन्होंने उस दिन दो पर्चे दाखिल किए। एक भाजपा के सेट पर और दूसरा निर्दलीय।
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