फिल्मफेयर अवॉर्ड्स के मामले में आशा भोसले अपनी बड़ी दीदी लता मंगेशकर पर भारी पड़ती हैं। आशा को 7 बार बेस्ट प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड मिला। इनमें 'गरीबों की सुनो' (दस लाख, 1966), 'पर्दे में रहने दो' (शिकार, 1968), 'पिया तू अब तो आजा' (कारवां, 1971), 'दम मारो दम' (हरे राम हरे कृष्ण, 1971), 'होने लगी है रात' (नैना, 1973), 'चैन से हमको कभी' (प्राण जाए पर वचन ना जाए, 1974), 'ये मेरा दिल' (डॉन, 1978) गाने शामिल हैं। इन 7 गानों के अलावा 'रंगीला' (1995) के लिए स्पेशल अवॉर्ड और 2001 में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी उन्हें फिल्मफेयर द्वारा दिया गया। लता मंगेशकर को 4 गानों 'आजा रे परदेसी' (मधुमती, 1959), 'कहीं डीप जले कहीं दिल' (बीस साल बाद, 1963), 'तुम्ही मेरे मंदिर, तुम्ही मेरी पूजा' (खानदान, 1966) और 'आप मुझे अच्छे लगने लगे' (जीने की राह, 1970) के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। इन गानों के अलावा 1994 की 'हम आपके हैं कौन' के गाने 'दीदी तेरा देवर दीवाना' के लिए स्पेशल अवॉर्ड मिला था। 1993 में उन्हें फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड और 2004 में फिल्मफेयर के 50 साल होने पर स्पेशल अवॉर्ड के तहत उन्हें एक गोल्डन ट्रॉफी भी दी गई थी।
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