
Panchayat 3 Actor Struggle Story: 'पंचायत' अब तक की सबसे कामयाब वेब सीरिज में से एक है। इसके तीसरे सीजन में नए सचिव जी का किरदार निभाने वाले एक्टर विनोद सूर्यवंशी ने हाल ही में अपने करियर और स्ट्रगल को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे वह गलती से फिल्म इंडस्ट्री में आ गए और एक जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर उन्हें कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट सिद्धार्थ कन्नन से बातचीत में पंचायत एक्टर विनोद सूर्यवंशी ने बताया कि उनकी एक्टिंग में एंट्री पूरी तरह से एक संयोग थी। विनोद के मुताबिक, “मैं गलती से फिल्म इंडस्ट्री में आ गया। एक दोस्त ने मुझे फोन किया और कहा कि मैं शूटिंग में भीड़ का हिस्सा बनकर 500 रुपये कमा सकता हूं। शुरुआत में मिलने वाले फायदे जैसे नाश्ता, दोपहर का खाना और दिन के आखिर में 500 रुपये उन्हें काफी अच्छे लगे। उन्होंने इसे अपने पुराने काम से बेहतर समझा और जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर काम जारी रखने का फैसला किया।
उन्होंने अपने पुराने काम के बारे में बताते हुए कहा कि वह पहले सिक्योरिटी गार्ड थे, जहां 12 घंटे की शिफ्ट में उन्हें सिर्फ 8,000 रुपये महीना मिलता था। वहीं, जूनियर आर्टिस्ट बनने के बाद उनकी कमाई बढ़कर 10,000 से 12,000 रुपये तक हो गई, जो उनके लिए बड़ा बदलाव था।
जहां एक तरफ उनकी कमाई बढ़ी, वहीं दूसरी तरफ उन्हें सेट पर कई बार अपमान का सामना करना पड़ा। विनोद ने बताया कि “कोई भी जूनियर आर्टिस्ट से अच्छे से बात नहीं करता। अक्सर गालियां दी जाती हैं और बुरा व्यवहार किया जाता है। असिस्टेंट डायरेक्टर हमारे साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते थे। हालांकि, बड़े कलाकार कभी हमारा अपमान नहीं करते थे।”
विनोद ने एक ऐसी घटना का जिक्र किया, जिसने उनकी सोच पूरी तरह बदल दी। उन्होंने बताया कि एक बार वह किसी कमरे में खाना खाने गए थे, तभी एक सीनियर व्यक्ति ने उनकी प्लेट छीन ली और पूछा कि वह कौन हैं। जब उन्होंने बताया कि वह जूनियर आर्टिस्ट हैं, तो उन्हें वहां से जाने के लिए कह दिया गया। जब उन्होंने कहा कि जूनियर आर्टिस्ट के लिए रखा गया खाना खत्म हो गया है, तब भी उन्हें वहां से भगा दिया गया। इस घटना से उन्हें गहरा दुख पहुंचा। उन्होंने कहा, “उसी दिन मैंने तय किया कि मुझे इस इंडस्ट्री में कुछ बड़ा करना है, ताकि मुझे भी इज्जत मिले और मैं कहीं भी बैठकर आराम से खाना खा सकूं।”
एक्टिंग में आने के बाद भी उनका संघर्ष खत्म नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने लुक्स की वजह से कई बार रिजेक्ट किया गया। उन्होंने कहा, “जब मैंने टीवी के लिए ऑडिशन दिए, तो उन्हें अक्सर अमीर दिखने वाला चेहरा चाहिए होता था। यहां तक कि भिखारी के रोल के लिए भी उन्हें अमीर दिखने वाला कलाकार चाहिए होता था। मुझे कहा जाता था कि मैं उनकी जरूरत के हिसाब से फिट नहीं हूं।”
विनोद ने एक और घटना शेयर की, जब उन्हें उनके रंग की वजह से रोल से निकाल दिया गया। उन्होंने बताया, “मुझे एक घरेलू नौकर के रोल के लिए चुना गया था। मैं शूट पर पहुँच गया था, लेकिन क्रिएटिव डायरेक्टर ने कहा कि हमें गोरे रंग का कोई चाहिए। मेरा रंग सांवला है, इसलिए मुझे वापस भेज दिया गया।”
सालों के संघर्ष के बाद आखिरकार उन्हें टीवी पर पहला बड़ा मौका मिला। उन्होंने बताया कि उन्हें चलती का नाम गाड़ी में काम करने का मौका मिला, जहां उनकी कमाई 700 रुपये से बढ़कर 2500 रुपये रोज हो गई। इसके बाद उन्होंने आगे बढ़ते हुए फिल्मों और वेब सीरीज में भी काम किया। वह Jolly LLB 3 में अक्षय कुमार के साथ नजर आए हैं और वेब सीरीज 'जनावर' का भी हिस्सा रहे हैं। हालांकि, आज वह अपनी मेहनत के दम पर इंडस्ट्री में एक अलग पहचान बना चुके हैं।
मनोरंजन जगत की सबसे खास खबरें अब एक क्लिक पर। फिल्में, टीवी शो, वेब सीरीज़ और स्टार अपडेट्स के लिए Bollywood News in Hindi और Entertainment News in Hindi सेक्शन देखें। टीवी शोज़, टीआरपी और सीरियल अपडेट्स के लिए TV News in Hindi पढ़ें। साउथ फिल्मों की बड़ी ख़बरों के लिए South Cinema News, और भोजपुरी इंडस्ट्री अपडेट्स के लिए Bhojpuri News सेक्शन फॉलो करें — सबसे तेज़ एंटरटेनमेंट कवरेज यहीं।