Corona Fact Check. जिंदगी और मौत के बीच जूझता ये बच्चा नहीं है कोरोना का मरीज, शिकायत दर्ज

Published : Mar 24, 2020, 07:51 PM ISTUpdated : Mar 25, 2020, 02:04 PM IST
Corona Fact Check. जिंदगी और मौत के बीच जूझता ये बच्चा नहीं है कोरोना का मरीज, शिकायत दर्ज

सार

वीडियो में एक लड़का अस्पताल में बिस्तर पर लेटा तेजी से सांसे ले रहा है। मुंह पर मास्क बंधा है और वो जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। 

नई दिल्ली. कोरोना वायरस को लेकर देशभर में लॉकडाउन घोषित किया जा चुका है। इस वायरस से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। पूरी दुनिया में साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। मेंगलुरु जिले में एक 22 वर्षीय व्यक्ति में कोरेना वायरस (Novel Corona Virus) की पुष्टि हुई। इसके बाद सोशल मीडिया पर वायरल एक विडियो वायरल होने लगा।

इस वीडियो में एक लड़का अस्पताल में बिस्तर पर लेटा तेजी से सांसे ले रहा है। मुंह पर मास्क बंधा है और वो जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। वीडियो को कोरोना मरीज की हालत बताकर वायरल किया जा रहा है जिससे लोगों में दहशत बैठ गई है। फैक्ट चेकिंग में हम आपको इस वायरल वीडियो की सच्चाई बता रहे हैं। 

भारत सरकार ने वायरस से लड़ने के लिए लॉकडाउन लगाने के साथ लोगों से घरों में रहने की अपील की है। इस बीच कोरोना को लेकर सोशल मीडिया पर काफी खबरें वायरल हो रही हैं।

वायरल पोस्ट क्या है? 

फेसबुक व्हाट्सएप पर एक वीडियो वायरल है। विडियो में अस्पताल के नीले बिस्तर पर गुलाबी पतलून में मास्क पहन लेटा एक युवक सांस लेने के लिए मशक्कत करता दिख रहा है। मानों जैसे अब उसके प्राण प्राण पखेरू उडऩे ही वाले हों।

क्या दावा किया जा रहा ? 

दावा किया जा रहा है कि ये शख्स कोरोना का मरीज है। देश में कोरोना महामारी फैल रही है। इस वीडियो में लड़के की हालत देख लोग डर गए हैं। 

सच्चाई क्या है? 

प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने इस वीडियो को फेक बताया है। वेनलॉक जिला सरकारी अस्पताल (Wenlock District Hospital in Mengaluru) ने भी इसकी पुष्टि की है। अस्पताल प्रशासन ने सोमवार को इस वायरल वीडियो के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया है। अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एच. आर. राजेश्वरी देवी ने बताया कि वेनलॉक अस्पताल नीचे बिस्तर का प्रयोग नहीं करता है। पुलिस आयुक्त पी. एस. हर्षा को मामले से अवगत करा उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है।

नतीजा

नतीजा यही निकलता है कि इस वीडियो की अभी तक पुष्टि नहीं की जा सकी कि ये कहां का है और बीमार शख्स कोरोना का पेशेंट है या नहीं? पर ऐसे भड़काऊ वीडियो जो पैनिक पैदा करते हों उनपर विश्वास करने से बचना चाहिए।

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