उज्जैन. कहा जाता है मनुष्य जैसा सोचता है, उसके साथ वैसा ही होता है। इसलिए हमें अच्छी सोच रखने की बात कही जाती है। ग्रंथों में ऐसे 7 लोगों के बारे में बताया गया है, जिन पर यदि हम भरोसा न रखें या जिनके काम पर शंका करें, तो हमें सकारात्मक फल कभी नहीं मिलता। देवे तीर्थे द्विजे मंत्रे दैवज्ञे भेषजे गुरौ।
याद्रशी भावना यस्य सिद्धिर्भवति ताद्रशी अर्थात- देवता, तीर्थ, ब्रह्मा, मंत्र, ज्योतिषी, औषध और गुरु में जिसकी जैसी भावना रहती है, उसे उनका वैसा ही फल मिलता है।
1. देवता
लोगों में देवी और देवताओं को लेकर दो तरह की सोच पाई जाती है- आस्तिक और नास्तिक। जो लोग देवी-देवताओं में आस्था नहीं रखते हैं, उन्हें अपनी सोच के मुताबिक ही फल मिलता है। परेशानियों में भी भगवान पर आस्था रखने वालों को भविष्य में सकारात्मक फल जरूर मिलते हैं।
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2. तीर्थ
हिंदू धर्म में तीर्थों का विशेष महत्व है। हर तीर्थ से जुड़ी कोई-न-कोई मान्यता जरूर रहती है। उसी भावना को मन में रखकर हमें तीर्थाटन करना चाहिए। ऐसा करने से हमें शुभ फल प्राप्त होते हैं। जो लोग तीर्थों पर आस्था नहीं रखते उन्हें मनोवांछित फल भी नहीं मिल पाते।
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3. ब्राह्मण
किसी भी शुभ काम में ब्राह्मणों की पूजा करने और उन्हें दान देने की परंपरा है। परंपराओं का पालन तो हर कोई करता है, लेकिन बहुत ही कम लोग इसे पूरा सम्मान और आदर देते हैं। जो मनुष्य ब्राह्मणों पर विश्वास नहीं करता या उनके लिए अच्छी भावना नहीं रखता, उसे कभी भी अपने दान कर्मों का फल नहीं मिलता है। इसलिए मनुष्य को कभी भी श्रेष्ठ और योग्य ब्राह्मणों की योग्यता पर अविश्वास नहीं करना चाहिए।
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4. मंत्र
मंत्रों को देवी-देवताओं के करीब पहुंचने के एक आसान तरीका माना जाता है। जो लोग रोज शांत मन और पवित्र भावनाओं से भगवान के मंत्रों का जाप करते हैं, उनकी सारी परेशानियों का हल निश्चित ही होता जाता है। जो मनुष्य घर वालों के दबाव में बिना मन से या मंत्रों में अविश्वास की भावना के साथ उनका उच्चारण करता है, उसे इनका साकारात्मक फल नहीं मिलता। इसलिए मंत्रों का पाठ हमेशा विश्वास और आस्था के साथ करना चाहिए।
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5. ज्योतिषी
कई लोग अपनी परेशानियों का हल पाने के लिए ज्योतिषियों के पास जाते हैं। कई लोग किसी और के कहने पर या ज्योतिषी पर भरोसा न होने पर भी उनके पास चले जाते है। ऐसे में मनुष्य चाहे कितने ही उपाय क्यों न कर ले, लेकिन उसकी परेशानी का हल नहीं निकलता है। मनुष्य जैसी भावना के साथ यह काम करता है, उसी वैसा ही फल मिलता है।
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6. चिकित्सक
कई बार लोगों के कहने पर या किसी भी अन्य कारण से कुछ डाक्टरों को लेकर हमारी सोच नकारात्मक हो जाती है। ऐसे में उस डाक्टर से हम कितना भी इलाज करवा लें, लेकिन हमें उसका कोई असर नहीं होता। यदि हमें अपने रोग से छुटकारा पाना है तो अपने चिकित्सक पर पूरा विश्वास करना चाहिए।
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7. गुरु
जो व्यक्ति अपने गुरु पर या उसकी दी गई शिक्षा पर विश्वास नहीं रखता, उसे जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अगर पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ गुरु और उसकी शिक्षा का पालन किया जाए तो जीवन में हर सफलता पाई जा सकती है। यदि गुरु की दी गई शिक्षा पर भरोसा न किया जाए तो हमारी सोच के जैसा ही फल भोगना पड़ता है।
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