मामूली नहीं CM नीतीश के आदेश पर बाहुबली अनंत से मोर्चा लेने वाला ये शख्स, वाजपेयी से है ऐसा रिश्ता

Published : Oct 07, 2020, 07:14 PM ISTUpdated : Oct 07, 2020, 07:37 PM IST

पटना (Bihar ) । पहले चरण में मोकामा विधानसभा सीट (Mokama Assembly Seat) पर होने वाला चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है। यहां आरजेडी के प्रत्याशी अनंत सिंह (Anant Singh) का मुकाबला जेडीयू के राजीव लोचन नारायण सिंह (Rajiv Lochan Narayan Singh) से होगा। बताते हैं कि सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar)के खास राजीव के पिता का नाता पूर्व प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) से था। ऐसे में इस सीट पर मुकाबला काफी कड़ा हो गया है। इस वजह से अनंत सिंह भी कोई लेकिन नहीं रखना चाहते हैं। उन्होंने आज खुद के नामांकन के साथ पत्नी नीलम देवी (Neelam Devi) से भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा दाखिल कराया है, ताकि पर्चा खारिज होने पर भी इस सीट पर अपना कब्जा बनाए रखें। 

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मामूली नहीं CM नीतीश के आदेश पर बाहुबली अनंत से मोर्चा लेने वाला ये शख्स, वाजपेयी से है ऐसा रिश्ता

अनंत साल 2005 में पहली बार पटना से 90 किलोमीटर दूर स्थित मोकामा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े और जीतकर विधायक बने थे। तीन चुनावों से इस सीट पर जीत हासिल कर रहे हैं। साल 2015 के चुनाव को उन्होंने जेल में रहकर भी जीता था जिसके बाद उनका वर्चस्व और बढ़ गया था। इस चुनाव में उनके लिए उनकी पत्नी ने वोट मांगे थे, क्योंकि वो तब जेल में बंद थे। (फाइल फोटो)

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नीलम देवी 2019 में कांग्रेस के टिकट पर मुंगेर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुकी है। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। मुंगेर लोकसभा सीट से हार गई थी। वहीं, इस बार उन्होंने मोकामा से निर्दलीय पर्चा भरा है। जिसके पीछे का कारण यह है कि यदि अनंत सिंह का पर्चा खारिज भी हो जाता है तो उनकी पत्नी चुनाव लड़ सकेंगी। क्योंकि, अनंत सिंह इस बार भी जेल से ही चुनाव लड़ेंगे।(फाइल फोटो)

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सीएम नीतीश कुमार ने राजीव लोचन नारायण सिंह उर्फ अशोक नारायण को जेडीयू से प्रत्याशी बनाया है, जो मोकामा के शंकरवार टोला निवासी हैं। इनके पिता वेंकटेश नारायण सिंह उर्फ बीनो बाबू का पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ करीबी संबंध रहा। मोकामा आने पर बीनो बाबू के यहां उन्होंने विश्राम भी किए थे। (फोटो में नीतीश कुमार)

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राजीव लोचन पिछले चार दशक से भाजपा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने भाजपा के किसान मोर्चा में राज्य स्तर पर कई अहम पदों पर जिम्मेदारी निभाई है। बताते हैं कि साल 1989 में नीतीश कुमार बाढ़ संसदीय क्षेत्र से जब चुनाव लड़ने उतरे थे, तब भी राजीव लोचन के पिता ने उनका साथ दिया। इसी कारण नीतीश कुमार सीएम बनने के बाद मोकामा आने पर वेंकटेश बाबू से मुलाकात करते थे।

(फोटो में नीतीश कुमार)

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अनंत सिंह की छवि भले ही बाहुबली की हो लेकिन उनके दुश्मनों की फेरहिस्त काफी लंबी है। इस लिस्ट में उनके सगे चाचा से लेकर बिहार के कई नामचीन सफेदपोश तक शामिल हैं। उनपर दो बार जानलेवा हमला भी हो चुका है।
 

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बताते चलें कि बाढ़ जिले में अनंत सिंह के घर से एके-47 मिला था। हत्या की साजिश रचने का एक ऑडियो भी वायरल हुआ था। इसी मामले में पुलिस ने कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया था। बाहुबली को पटना के बेऊर जेल में रखा गया है। कहा जाता है कि अनंत सिंह का सीएम नीतीश कुमार और उनकी सरकार से 36 का आंकड़ा है।(फाइल फोटो)
 

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