पटना। लोकजनशक्ति पार्टी एलजेपी) के संस्थापक और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का 74 साल की उम्र में निधन हो गया। वो लंबे वक्त से बीमार थे। पासवान ने दो शादियां की थीं। 5 जुलाई 1946 को जन्मे पासवान की पहली शादी मात्र 14 साल की उम्र में राजकुमारी देवी से हुई थी। हालांकि उन्होंने राजकुमारी देवी को 1981 में तलाक दे दिया था और इसकी वजह थीं रीना शर्मा।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक रीना शर्मा एयरहोस्टेस थीं। कहते हैं कि रीना शर्मा से रामविलास की मुलाक़ात एक हवाई सफर के दौरान हुई थी। पहली ही मुलाक़ात में पासवान, रीना से प्रभावित हो गए थे। धीरे-धीरे उनकी नजदीकियां बढ़ती गईं। पासवान ठेठ बिहारी और रीना शर्मा एक पंजाबी लड़की थीं।
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पहली पत्नी को तलाक देकर पासवान ने 1983 में रीना से शादी कर ली। काफी समय तक लोगों को इस बारे में नहीं पता था। पासवान ने भी कभी सार्वजनिक रूप से अपनी प्रेम कहानी और फैमिली मैटर को उजागर नहीं किया। रीना से चिराग के रूप में एक बेटा और एक बेटी है। रीना शर्मा दिल्ली में ही रहती हैं।
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राजकुमारी देवी को तलाक देने का मसला राजनीतिक रूप से विवाद में आया था। पासवान ने 2014 में पहली बार खुलासा किया था कि उन्होंने राजकुमारी देवी को 1981 में तलाक दे दिया था।
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दरअसल 2014 के लोकसभा चुनाव में तब महागठबंधन में शामिल जेडीयू ने उनकी वैवाहिक स्थिति को लेकर नामांकन को चुनौती दी थी। हलफनामे में पहली पत्नी राजकुमारी देवी का जिक्र नहीं था। राजकुमारी देवी वैसे आज भी रामविलास पासवान के पैतृक गांव में ही रहती हैं। उनकी दो बेटियां हैं और दोनों की शादी हो चुकी है।
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साधारण दलित परिवार में जन्में पासवान हाजीपुर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने एमए, एलएलबी तक की पढ़ाई की और छात्र राजनीति से आए हैं। जेपी आंदोलन और मंडल के बाद दलित राजनीति से उनकी पहचान बनी। पासवान पहली बार 1969 में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर विधायक बने थे। फोटो : बेटी के साथ पासवान
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इसके बाद पासवान ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने आठ बार लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया। राज्यसभा में भी भेजे गए। लंबे समय तक जनता दल में रहे। लालू के साथ भी राजनीति की और साल 2000 में लोक जनशक्ति पार्टी का गठन किया।
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मनमोहन सरकार मंत्री रहे। बाद में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए का हिस्सा बन गए और तब से मोदी कैबिनेट में मंत्री हैं। पासवान ने पार्टी का नेतृत्व पहले ही बेटे चिराग पासवान को सौंप दिया है। पार्टी के सभी फैसले अब चिराग ही लेते हैं।
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पिछले दिनों खराब तबियत के बाद पासवान को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिराग पिता की तबियत को लेकर लगातार जानकारी साझा कर रहे थे। पीएम मोदी भी उनका हाल ले रहे थे। लेकिन आज 8 अक्तूबर के दिन उनका निधन हो गया।
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