बिजनेस डेस्क। कंपनियों के आईपीओ (IPO) में निवेश करने से भी काफी लाभ होता है। कई बार तो इसमें इता ज्यादा रिटर्न मिलता है, जिसके बारे में पहले से निवेशक सोच भी नहीं पाते। हैप्पिएस्ट माइंड्स (Happiest Minds) के आईपीओ में निवेशकों को 10 दिन में 138 फीसदी तक रिटर्न मिला। इतने कम दिनों में ही निवेशकों का पैसा दोगुने से भी ज्यागदा हो गया। आज 21 सितंबर को इस साल का सबसे बड़ा IPO खुलने जा रहा है। यह आईपीओ कम्प्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेस (CAMS) का है। जानें इसके बारे में।
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क्या है लक्ष्य
कम्प्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेस (CAMS) का लक्ष्य इस इश्यू से 2,242 करोड़ रुपए जुटाने का है। सिक्युरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के आदेशानुसार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) इस इश्यू के जरिए कैम्स में अपनी पूरी 37.4 फीसदी हिस्सेदारी बेचने वाला है।
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क्या है कैम्स
कम्प्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेस (CAMS) म्यूचुअल फंडों से जुड़ी रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट संबंधी सेवाएं देती है। इस इश्यू में 23 सितंबर तक निवेश किया जा सकता है।
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एंकर निवेशकों से जुटाए 666.57 करोड़
कम्प्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेस (CAMS) ने 35 एंकर निवेशकों से 666.57 करोड़ रुपए जुटाए हैं। एंकर निवेशकों को 1,230 रुपए प्रति शेयर के भाव पर शेयर बांटे गए हैं। स्मॉलकैप वर्ल्ड फंड ने एंकर निवेशकों की हिस्सेदारी के 9 फीसदी शेयर खरीदे हैं।
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ये भी शामिल हैं एंकर निवेशकों में
एंकर निवेशकों की लिस्ट में सिंगापुर सरकार, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी का नाम भी शामिल है। इन सभी को 4.5 फीसदी हिस्सेदारी दी गई है। साथ ही, कुल 13 घरेलू म्यूचुअल फंडों की 30 स्कीमों ने एंकर निवेशकों की 36.46 फीसदी हिस्सेदारी अपने नाम की है।
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क्या है प्राइस बैंड
कंपनी के शेयरों के लिए 1229-1230 रुपए का भाव रखा गया है। निवेशकों को कम से कम एक लॉट यानी 12 शेयरों की बोली लगानी है। रिटेल निवेशक 13 लॉट से अधिक शेयरों के लिए बोली नहीं लगा सकते। एसेट लाइट बिजनेस मॉडल और बाजार में मजबूत पकड़ अपने क्षेत्र में लीडिंग पोजिशन पर है।
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क्या है सेबी का आदेश
सेबी के आदेशानुसार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) इस इश्यू के जरिए CAMS में अपनी पूरी 37.4 फीसदी हिस्सेदारी या 1,82,46,600 शेयर बेचने वाली है। इस इश्यू का प्रबंधन कोटक महिंद्रा कैपिटल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज और नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी करने वाली हैं।
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क्या है कम्प्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेस का बिजनेस
कम्प्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेस कैम्स (CAMS)भारत में एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) के लिए रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट सेवाएं देती है। इसके पास बाजार की 70 फीसदी हिस्सेदारी है। इसकी सेवाओं का फायदा टॉप 15 में से 9 म्यूचुअल फंड उठा रहे हैं। वित्त वर्ष 2017-18 से वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 6.6 फीसदी की वार्षिक दर से बढ़कर 699.6 करोड़ रुपए और नेट प्रॉफिट 8.8 फीसदी बढ़कर 173.4 करोड़ रुपए रहा है।
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कंपनी का बिजनेस मॉडल है मजबूत
फाइनेंशियल एकसपर्ट्स का कहना है कि कंपनी का बिजनेस मॉडल मजबूत है। कंपनी का म्यूचुअल फंड RTA इंडस्ट्री में मार्केट शेयर 70 फीसदी है। कंपनी की बैलेंसशीट क्लीन है। इसका ऑपरेटिंग मार्जिन भी मजबूत है। म्यूचुअल फंड्स के लिए एयूएम में बढ़ोत्तरी के साथ ग्रोथ जुड़े होने के कारण कंपनी लगातार आगे आने वाले रिटर्न जनरेट करने में सक्षम है और आगे बढ़ रही है।
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